स्वतंत्र छत्तीसगढ़
बढ़ते बच्चों के लिए कैल्शियम सिर्फ एक पोषक तत्व नहीं, बल्कि मजबूत बचपन और स्वस्थ भविष्य की नींव है। शरीर में मौजूद कुल कैल्शियम का लगभग 99% हिस्सा हड्डियों और दांतों में संग्रहित रहता है, जो बच्चों के शारीरिक विकास, लंबाई बढ़ने और हड्डियों की मजबूती में सीधी भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन में बोन डेंसिटी अपने उच्चतम स्तर (Peak Bone Mass) पर होती है, इसलिए यही वह समय है जब हड्डियां सबसे तेज़ी से कैल्शियम को अवशोषित और संग्रहित करती हैं। यदि इस उम्र में कैल्शियम की कमी हो जाए, तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है और शरीर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए हड्डियों में जमा कैल्शियम को अन्य कार्यों में उपयोग करने लगता है, जिससे आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ सकती है।
संतुलित थाली में छुपा है कैल्शियम का खजाना
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट बताते हैं कि बच्चों की डाइट में रोज़ाना ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए, जो प्राकृतिक रूप से कैल्शियम से भरपूर और शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित किए जा सकें। काले तिल और काले बीन्स को कैल्शियम का पावरहाउस माना जाता है—इनमें प्रोटीन, अच्छे फैट और विटामिन B कॉम्प्लेक्स भी प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों के साथ-साथ मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं। बच्चों को तिल का पेस्ट (तहिनी) दही या दलिया में मिलाकर देने से कैल्शियम की दैनिक जरूरत को स्वादिष्ट तरीके से पूरा किया जा सकता है। वहीं, दही में घुलनशील कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सहायक है। इसके अलावा, राजमा, काबुली चना, काला चना, हरा चना और चने की दाल जैसी दालों में भी कैल्शियम की अच्छी मात्रा मौजूद होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बच्चों को रोज़ाना एक कटोरी दाल दी जाए, तो कैल्शियम के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स की जरूरत भी पूरी हो जाती है।
हरी सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स—प्रकृति का सबसे भरोसेमंद सपोर्ट सिस्टम
मौसमी और पत्तेदार हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, मूली के पत्ते, पुदीना और धनिया कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत हैं। ये न सिर्फ हड्डियों को मजबूती देती हैं, बल्कि इनमें मौजूद आयरन, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन्स बच्चों की संपूर्ण सेहत, पाचन और रक्त निर्माण में भी मदद करते हैं। इसी तरह, अंजीर, खजूर, अखरोट और खुबानी जैसे ड्राई फ्रूट्स में कैल्शियम के साथ-साथ हेल्दी फैट, विटामिन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी मौजूद होते हैं, जो बच्चों में पोषण की कमी से बचाव करते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट मानते हैं कि बचपन में मजबूत हड्डियां जीवनभर की स्केलेटल हेल्थ की गारंटी देती हैं, इसलिए बच्चों को रोज़ प्राकृतिक कैल्शियम से भरपूर भोजन देना अनिवार्य है। यह केवल हड्डियों का विकास नहीं, बल्कि उनके सपनों को मजबूती देने जैसा है—क्योंकि स्वस्थ बच्चा ही स्वस्थ समाज और सशक्त देश बनाता है।


