हाईलाइट बॉक्स
महापौर मीनल चौबे, विधायक राजेश मूणत और निगम आयुक्त विश्वदीप ने 5 घंटे तक जमीनी निरीक्षण कर दिए सख्त निर्देश—डंपिंग यार्ड सफाई 80% पूरी, STP से खारून नदी में गंदा पानी मिलने पर रोक की रणनीति, नालों का सीमांकन और उद्योगों को रॉ वॉटर बिक्री से राजस्व बढ़ाने की नई योजना तैयार करने की हिदायत।
रायपुर, 4 जनवरी 2026: रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने निगम अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इंदौर जैसी घटना रायपुर में कहीं भी दोहराई नहीं जानी चाहिए। शहर की स्वच्छता और जन-सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने अधिकारियों से सतर्कता, सजगता और जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा। महापौर ने आज रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत और निगम आयुक्त विश्वदीप की मौजूदगी में लगातार 5 घंटे तक फील्ड में उतरकर विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरोना, चंदनीडीह और चिंगरी पीहर नाला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों से योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर स्थल समीक्षा की और त्वरित सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
सरोना क्षेत्र में सीमांकन और सफाई की रफ्तार पर जोर
विधायक राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप ने जोन-8 क्षेत्र के सरोना में शीतला मंदिर के पास गार्डन और आसपास की रिक्त शासकीय भूमियों का निरीक्षण किया। महापौर ने इन जमीनों का शीघ्र सीमांकन कर शासन को जनहित में एक ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम ने सरोना डंपिंग यार्ड का दौरा किया, जहां अब तक लगभग 80% क्षेत्र से कचरा हटाया जा चुका है, और पोकलेन मशीनों की मदद से सफाई का काम तेजी से जारी है। महापौर ने संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों को इसे समय-सीमा के भीतर पूरा करने की सख्त हिदायत दी। साथ ही, डंपिंग यार्ड और आसपास की सरकारी जमीनों का सीमांकन तुरंत कराने को कहा, ताकि भविष्य में इस भूमि का उपयोग व्यवस्थित और जनोपयोगी परियोजनाओं के लिए किया जा सके।
खारून नदी में प्रदूषण रोकने और राजस्व मॉडल पर नई रणनीति
दौरे के अगले चरण में टीम ने चंदनीडीह स्थित 75 MLD सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और SCADA कंट्रोल रूम का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। महापौर ने स्पष्ट कहा कि ऐसी ठोस रणनीति तैयार की जाए जिससे किसी भी नाले का गंदा पानी खारून नदी में न मिले। इसी कड़ी में चिंगरी पीहर नाला का निरीक्षण कर वहां अभियान आधारित सुव्यवस्थित सफाई कराने और सीवेज को ओवरफ्लो से रोककर सीधे STP तक भेजने के निर्देश दिए गए। महापौर ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि STP में ट्रीटमेंट के बाद प्राप्त रॉ वॉटर को उद्योग समूहों को बेचा जाए, जिससे नगर निगम के लिए राजस्व का नया, स्थायी और पारदर्शी आर्थिक मॉडल विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आय का साधन नहीं, बल्कि शहर की आत्मनिर्भर स्वच्छता अर्थव्यवस्था का आधार बनेगी। इस पहल से जल-प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ-साथ निगम की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।


