स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
हाइलाइट बॉक्स:
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में खराब हाजमा एक आम समस्या बन चुकी है। गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और कब्ज जैसी परेशानियों से राहत पाने के लिए सही खानपान, योग, पानी का सेवन और तनावमुक्त दिनचर्या सबसे प्रभावी उपाय हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जीवनशैली में छोटे बदलाव कर पाचन को दुरुस्त रखा जा सकता है।

योग और संतुलित खानपान से पाचन शक्ति को प्राकृतिक रूप से दुरुस्त किया जा सकता है।
बदलती जीवनशैली ने बढ़ाई पाचन से जुड़ी परेशानियाँ
लाइफस्टाइल। आज के तेज़ और तनावपूर्ण जीवन में पेट की समस्याएँ आम होती जा रही हैं। अनियमित खानपान, जंक फूड, देर रात खाना और व्यायाम की कमी के कारण पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। जब भोजन ठीक से नहीं पचता, तो गैस, पेट फूलना, एसिडिटी, कब्ज और भूख न लगना जैसी समस्याएँ शुरू हो जाती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर यह पूरे स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में ज़रूरी है कि हम अपने खानपान और दिनचर्या में कुछ आसान बदलाव करें।
1. सही खानपान से रखें पेट को दुरुस्त
खराब हाजमे की सबसे बड़ी वजह गलत खानपान है। तला-भुना, मसालेदार और अत्यधिक वसा युक्त भोजन पाचन को कमजोर करता है। भोजन में फाइबर युक्त फल, हरी सब्जियाँ और साबुत अनाज शामिल करें। सुबह हल्का नाश्ता, दिन में संतुलित भोजन और रात में हल्का खाना पचने में मदद करता है। याद रखें, धीरे-धीरे खाना भी बेहतर पाचन की कुंजी है।
2. पानी पीने की सही आदत अपनाएं
पानी पाचन क्रिया को सहज बनाता है। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी अवश्य पिएँ। भोजन से ठीक पहले या बाद में थोड़ा पानी लेना पाचन को बेहतर करता है। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से पेट की सफाई होती है और गैस की समस्या कम होती है।
3. योग और हल्का व्यायाम करें
योग पाचन तंत्र के लिए अमृत समान है। भुजंगासन, पवनमुक्तासन, त्रिकोणासन और वज्रासन जैसे आसन पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करते हैं। वज्रासन में भोजन के बाद 10 मिनट बैठना भोजन के पाचन में अत्यंत लाभकारी होता है। सुबह की सैर या हल्की कसरत भी हाजमे को मजबूत करती है।
4. भोजन का समय तय करें और छोटे हिस्सों में खाएं
अनियमित भोजन से पेट पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसलिए खाने का समय तय करें और उसी समय भोजन करें। एक बार में ज़्यादा खाने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में भोजन करना बेहतर होता है। देर रात खाना खाने से बचें और भोजन के बाद तुरंत न सोएँ।
5. हर्बल चाय और घरेलू नुस्खे अपनाएं
अदरक, पुदीना, सौंफ और अजवाइन पाचन के लिए बेहद लाभकारी हैं। खाने के बाद एक चम्मच सौंफ या अजवाइन चबाने से गैस और भारीपन से राहत मिलती है। पुदीना या अदरक की चाय पीना एसिडिटी और अपच के लिए असरदार उपाय है। नींबू पानी या छाछ में थोड़ा सा काला नमक मिलाकर पीना भी पाचन के लिए उपयोगी है।
6. तनावमुक्त रहें – मानसिक शांति का असर पेट पर भी
तनाव सीधे पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। अत्यधिक चिंता या मानसिक दबाव से पेट में एसिड का स्तर बढ़ जाता है, जिससे अपच और जलन होती है। ध्यान (Meditation), प्राणायाम और गहरी साँस लेने के अभ्यास तनाव को कम करते हैं। पर्याप्त नींद लेना भी उतना ही ज़रूरी है।
खराब हाजमे के संकेत – इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
यदि बार-बार पेट में गैस, भारीपन, पेट दर्द, एसिडिटी या कब्ज महसूस होती है, तो यह खराब पाचन का संकेत है। लगातार ये लक्षण दिखें तो चिकित्सक या डाइटिशियन से सलाह लेना आवश्यक है। समय रहते ध्यान न देने पर यह समस्या गैस्ट्रिक या अल्सर जैसी गंभीर स्थितियों का रूप ले सकती है।
विशेषज्ञों की राय
डायटिशियन और डॉक्टरों का कहना है कि खराब हाजमे की जड़ें हमारी जीवनशैली में छिपी हैं। यदि समय पर भोजन, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त दिनचर्या अपनाई जाए, तो दवाओं की जरूरत शायद ही पड़े। पाचन शक्ति को मजबूत रखना अच्छे स्वास्थ्य की पहली शर्त है। इन 6 आसान आदतों को अपनाकर आप गैस, एसिडिटी और अपच जैसी परेशानियों से मुक्ति पा सकते हैं और एक तंदरुस्त, ऊर्जावान जीवन जी सकते हैं।


