स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क

पटना में बैठक के दौरान लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अशोक गहलोत – महागठबंधन की रणनीति पर चर्चा करते हुए।
हाइलाइट बॉक्स:
- महागठबंधन में सीट बंटवारे पर बनी सहमति, आज हो सकती है औपचारिक घोषणा।
- तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाए जाने की पूरी संभावना।
- लालू यादव, राबड़ी देवी और अशोक गहलोत की मौजूदगी में रणनीति पर अंतिम मुहर।
पटना से बड़ी राजनीतिक खबर: महागठबंधन में तैयारियां चरम पर
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज होती जा रही हैं। पटना में आज महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, वामदल आदि) की एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। इस बैठक की कमान खुद तेजस्वी यादव संभाल रहे हैं। माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन की रणनीति, सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर बड़ी घोषणा हो सकती है।
गहलोत और लालू यादव की मुलाकात ने बढ़ाई हलचल
बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावरू के साथ राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। इस दौरान राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। बैठक में सीटों के फार्मूले, प्रचार अभियान की रूपरेखा और साझा एजेंडा पर लंबी चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि “गठबंधन के भीतर ज्यादातर मसले सुलझ चुके हैं और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है।”
तेजस्वी यादव को सीएम फेस बनाए जाने की पूरी संभावना
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि आज महागठबंधन तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री उम्मीदवार (CM Face) घोषित कर सकता है। राजद की तरफ से इस पर पहले से ही सहमति है, वहीं कांग्रेस और वामदलों ने भी तेजस्वी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि यह फैसला युवाओं और बदलाव की राजनीति को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है, ताकि NDA के खिलाफ एक मजबूत विकल्प पेश किया जा सके।
गठबंधन की एकजुटता पर फोकस
महागठबंधन के रणनीतिकारों का मानना है कि इस बार एकजुटता और स्पष्ट नेतृत्व ही जीत की कुंजी होगी। पिछली बार की तरह अंतर्विरोधों से बचने के लिए सभी दलों ने तय किया है कि उम्मीदवार चयन और प्रचार अभियान में साझा तालमेल रखा जाएगा। तेजस्वी यादव भी अपने भाषणों में लगातार “रोजगार, शिक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई” जैसे मुद्दों पर फोकस कर रहे हैं।
कांग्रेस की भूमिका और नए समीकरण
कांग्रेस इस बार सीटों की संख्या को लेकर पहले से अधिक आक्रामक रुख अपना रही थी, लेकिन गहलोत और लालू यादव की बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि कांग्रेस ने समझौते के तहत सीटों की संख्या पर लचीलापन दिखाया है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस को लगभग 70 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बाकी सीटें राजद और वामपंथी दलों में बंटेंगी।
राजनीतिक प्रभाव और आगे की रणनीति
अगर आज तेजस्वी यादव को आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाता है, तो यह महागठबंधन की दिशा तय करने वाला बड़ा कदम होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे विपक्ष को एकजुटता का मजबूत संदेश मिलेगा और राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा का संचार होगा।
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