रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
• नकली दवाओं से जुड़े प्रकरण में गंभीर लापरवाही का आरोप
• कार्यालयीन समय में आरोपितों से सार्वजनिक स्थान पर मुलाकात
• प्रकरण की फाइल दिखाने का भी आरोप
• शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबन और तबादले का आदेश जारी किया
प्रशासनिक जवाबदेही पर सख्ती
नकली दवाओं से जुड़े एक गंभीर प्रकरण में राज्य शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर लापरवाही और आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप है। जांच में सामने आया कि श्री नेताम ने कार्यालयीन समय के दौरान सारंगढ़ निवासी खेमराज बानी और उनकी पत्नी, जो नकली दवाओं के मामले में आरोपित हैं, से सार्वजनिक स्थान पर मुलाकात की। बताया गया है कि यह बैठक मोतीबाग स्थित टेन कैफे (कॉफी हाउस) में दोपहर लगभग ढाई बजे हुई।
जांच में सामने आए तथ्य और प्रशासनिक कार्रवाई
नियंत्रक कार्यालय उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला रायपुर की जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि बैठक के दौरान प्रकरण से संबंधित फाइल भी आरोपितों को दिखाई गई। इसे सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है। इस बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी सिंह ठाकुर भी मौजूद थीं। शासन ने उन्हें जशपुर स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई है और विस्तृत विभागीय जांच आगे भी जारी रहेगी।
मीडिया रिपोर्ट के बाद शासन ने लिया संज्ञान
यह मामला दैनिक समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों में प्रकाशित एवं प्रसारित होने के बाद शासन के संज्ञान में आया। स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और सख्ती को लेकर सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि किसी भी स्तर पर नियमों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नकली दवाओं जैसे संवेदनशील मामलों में प्रशासनिक निष्पक्षता और गोपनीयता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसका सीधा संबंध आम नागरिकों के स्वास्थ्य और विश्वास से जुड़ा होता है।
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