पलारी /स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क

गांव के तालाब में ईसर-गौरा का पारंपरिक विसर्जन करते ग्रामीण, लोकनृत्य में झूमते स्वजाति बंधु एवं सम्मान समारोह में शामिल प्रतिभागी।
हाइलाइट बॉक्स (Highlights):
- आदिवासी ध्रुव गोंड समाज और ग्रामीणों के सहयोग से मनाया गया पारंपरिक ईसर-गौरा महोत्सव
- भोजली और सुवा नृत्य प्रतियोगिता में स्थानीय कलाकारों ने बिखेरा लोकसंस्कृति का रंग
- समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान और गौरा विसर्जन यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
पलारी। दीपावली पर्व पर परंपरा, आस्था और आनंद का अद्भुत संगम देखने मिला ग्राम पंचायत ओडान (अंचल पलारी) में, जहां आदिवासी ध्रुव गोंड समाज एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से ईसर-गौरा महोत्सव हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। ग्रामवासियों ने परंपरागत रूप से चूलमाटी से पवित्र मिट्टी लाकर ईसर महादेव और गौरा की मूर्तियां तैयार कीं। रात्रि बारह बजे ईसर महादेव की बारात बड़े उत्साह से निकाली गई, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी नाचते-गाते हुए शामिल हुए।
बालाजी मंदिर परिसर में ईसर-गौरा की पूजा-अर्चना के साथ पारंपरिक विवाह की रस्में पूरी की गईं। इस दौरान गांव के वातावरण में भक्ति और उल्लास की लहर दौड़ गई। महोत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत करने हेतु भोजली और सुवा नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन हुआ। भोजली प्रतियोगिता में चार टोलियों ने भाग लिया, जिसमें दलगिरहा ग्रुप दर्रीपारा ने प्रथम, स्माइल ग्रुप नयापारा ने द्वितीय, जय महामाया ग्रुप ने तृतीय और जय मा सिया ग्रुप ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। वहीं सुवा नृत्य में सात टोलियों ने भाग लिया, जिनमें मोर करण सुवा प्रथम, नृत्यांगना ग्रुप द्वितीय, सिया बालिका ग्रुप तृतीय, स्टार ग्रुप चतुर्थ, मोर चिरइया के फूल पंचम, ट्विंकल ग्रुप षष्ठम और परी ग्रुप सप्तम स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया।
महोत्सव में समाज की शिक्षा के प्रति जागरूकता का परिचय देते हुए प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। दसवीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विन्नी ध्रुव, टिकेश्वरी, दुर्गेश और बारहवीं से मीनू ध्रुव को सम्मानित किया गया।
इस पारंपरिक आयोजन में पुरुषों ने सोंटे लगवाकर अपनी आस्था व्यक्त की, जबकि महिलाएं पारंपरिक झूमर नृत्य करती नजर आईं। पूरा गांव ईसर महादेव और गौरा की पूजा में डूबा रहा। पूजा के पश्चात गांव में गौरा-गौरी की आरती कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। अंत में तालाब में ईसर महादेव-गौरा का विधि-विधान से विसर्जन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के.पी. ध्रुव (पूर्व सह आयुक्त, आ.जा. कल्याण रायपुर) रहे। प्रमुख अतिथि के रूप में टिकेश्वर ध्रुव (सरपंच, ग्राम पंचायत ओडान) उपस्थित थे। अध्यक्षता नेमीचंद ध्रुव (संचालक, लवन महासभा) ने की। विशिष्ट अतिथियों में रामस्वरूप (विधायक प्रतिनिधि), देवव्रत वर्मा, अरुण वर्मा, कुलेश्वर वर्मा, कार्तिकराम साहू, नूरेंद्र वर्मा, चिंताराम साहू, राजकुमारी कमल, जीवन कमल, फिरनता कन्नौजे, टिकेश्वर वर्मा, रामजी, कोमल सिंहा, महात्मा जी, खुमान, लूकेश्वर, नोहर, लखनलाल वर्मा, बिसाहू, मुखीराम, नरेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन आदिवासी ध्रुव गोंड समाज द्वारा किया गया, जिसमें केशव ध्रुव (उपाध्यक्ष), राकेश ध्रुव (कोषाध्यक्ष), डोमार ध्रुव (उप कोषाध्यक्ष), चेतनसिंह ध्रुव (सचिव), संजय ध्रुव (सह सचिव), मंगलुराम ध्रुव (महामंत्री) और दिनदयाल ध्रुव (संगठन मंत्री) की सक्रिय भूमिका रही।
इस अवसर पर पूरे गांव में भक्ति, लोक संस्कृति और एकता की अनोखी मिसाल देखने को मिली। ग्रामीणों के चेहरों पर उमंग और श्रद्धा का भाव था — मानो पूरा ओडान गांव ईसर-गौरा के आशीर्वाद में सराबोर हो गया हो।
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