स्वतंत्र छत्तीसगढ़
नारियल पानी प्रकृति का अनमोल उपहार है, जिसे आयुर्वेद में औषधि का दर्जा दिया गया है। हरे नारियल के भीतर मिलने वाला यह मीठा और पारदर्शी तरल न केवल स्वाद और ताजगी प्रदान करता है, बल्कि सेहत का खजाना भी समेटे हुए है। पूरी तरह प्राकृतिक और कम कैलोरी वाला यह पेय पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है। यही कारण है कि इसे कई बीमारियों में मरीजों के लिए अमृत समान माना जाता है।
बुखार, उल्टी या दस्त जैसी स्थितियों में जब शरीर में पानी और खनिजों की कमी हो जाती है, तब नारियल पानी डिहाइड्रेशन दूर करने और तुरंत ऊर्जा देने का सबसे आसान उपाय है। यह पाचन को दुरुस्त करता है और शरीर को ठंडक पहुंचाता है।
किडनी और दिल के लिए फायदेमंद…
विशेषज्ञों के अनुसार, नारियल पानी किडनी रोगों में बेहद लाभकारी है क्योंकि इसमें सोडियम कम और पोटैशियम अधिक होता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। डायबिटीज़ मरीज भी इसे सुरक्षित रूप से पी सकते हैं क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम है। वहीं, हृदय रोगियों के लिए यह पेय किसी वरदान से कम नहीं है। यह कोलेस्ट्रॉल मुक्त है और पोटैशियम की मौजूदगी हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होती है। hविशेषज्ञों के अनुसार, नारियल पानी किडनी रोगों में बेहद लाभकारी है क्योंकि इसमें सोडियम कम और पोटैशियम अधिक होता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। डायबिटीज़ मरीज भी इसे सुरक्षित रूप से पी सकते हैं क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम है। वहीं, हृदय रोगियों के लिए यह पेय किसी वरदान से कम नहीं है। यह कोलेस्ट्रॉल मुक्त है और पोटैशियम की मौजूदगी हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होती है।
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पेट और त्वचा की समस्याओं में असरदार…
जिन लोगों को एसिडिटी, गैस या जलन की समस्या रहती है, उनके लिए नारियल पानी राहतदायक है। यह पेट की गर्मी को शांत कर अम्लपित्त को संतुलित करता है। त्वचा रोगों में भी यह कारगर साबित होता है। मुंहासे, रैशेज और खुजली की समस्या में नारियल पानी पीने और इसे त्वचा पर लगाने से फर्क दिखाई देता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं, इसलिए इसे नेचुरल डिटॉक्स वॉटर भी कहा जाता है।
कैसे और कब पिएं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 1 से 2 नारियल पानी पर्याप्त है। सुबह खाली पेट इसका सेवन सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। बुखार या उल्टी-दस्त की स्थिति में हर 3-4 घंटे के अंतराल पर पीना बेहतर रहता है। वहीं, व्यायाम के बाद इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने के लिए यह आदर्श विकल्प है। हालांकि, किडनी में पोटैशियम की अधिकता वाले मरीजों को इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए और जिनका ब्लड शुगर बेहद असंतुलित है, उन्हें डॉक्टर से परामर्श के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए।


