तिरुपति : 16 जुलाई 2025
अनिवरा स्थानम महोत्सव की पूर्व संध्या पर मंगलवार को तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पारंपरिक और धार्मिक श्रद्धा के साथ कोइल अलवर तिरुमंजनम शुद्धिकरण अनुष्ठान संपन्न हुआ। यह विशेष अनुष्ठान वर्ष में चार बार — उगादि, अनिवरा स्थानम, वार्षिक ब्रह्मोत्सव और वैकुंठ एकादशी से पूर्व किया जाता है।
टीटीडी (तिरुमला तिरुपति देवस्थानम) के कार्यकारी अधिकारी जे. श्यामला राव, अध्यक्ष बी. आर. नायडू एवं अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी चौधरी वेंकैया चौधरी ने अनुष्ठान के पश्चात मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह शुद्धिकरण प्रक्रिया अत्यंत प्राचीन परंपरा है, जिसमें मंदिर के गर्भगृह, उप-मंदिरों, दीवारों, छतों और पूजा सामग्री की स्वच्छता विशेष रूप से की जाती है।
इस अनुष्ठान के दौरान विशेष ‘परिमलम’ नामक हर्बल मिश्रण का प्रयोग किया गया, जिसमें जल के साथ सुगंधित चूर्ण, चंदन, कस्तूरी हल्दी, पच्चा कर्पूरम और कुमकुम मिलाकर पूरे मंदिर परिसर में छिड़काव किया गया। गर्भगृह में स्थित श्रीवारी मूल विराट को इस दौरान सावधानीपूर्वक आवरण से ढक दिया गया था, जिसे शुद्धिकरण पूर्ण होने के बाद हटा दिया गया।
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इसके पश्चात पुजारियों द्वारा पारंपरिक रीति से विशेष पूजा और नैवेद्यम अर्पित किया गया, जिसके बाद भक्तों के लिए दर्शन शुरू किए गए। अनुष्ठान की वजह से मंगलवार को अष्टदल पद पद्माराधना सेवा रद्द कर दी गई थी।
इस अवसर पर टीटीडी बोर्ड के कई सदस्य — पनबाका लक्ष्मी, जी. भानु प्रकाश रेड्डी, नरेश कुमार, शांता राम, सदाशिव राव, जंगा कृष्णमूर्ति, जानकी देवी, महेंद्र रेड्डी — सहित सीवीएसओ मुरलीकृष्ण, मंदिर के उप कार्यकारी अधिकारी लोकनाथम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। धार्मिक अनुशासन और परंपरा के इस अनुपम संगम ने श्रद्धालु भक्तों के मन में आस्था की ज्योति को और प्रज्वलित कर दिया।
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