विशाखापत्तनम/आँध्रप्रदेश /राखी श्रीवास्तव
हाइलाइट :
• यात्रियों की सुरक्षा और सेवाओं में सुधार के लिए पहली बार ह्यूमनॉइड रोबोट की तैनाती
• आरपीएफ के साथ मिलकर करेगा भीड़ निगरानी और प्लेटफॉर्म गश्त
• हिंदी, अंग्रेज़ी और तेलुगु में घोषणाएं, फेस रिकग्निशन व फायर डिटेक्शन की सुविधा
यात्री सुरक्षा में तकनीकी नवाचार
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा वितरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर “एएससी अर्जुन” नामक ह्यूमनॉइड रोबोट को तैनात किया है। यह भारतीय रेलवे नेटवर्क में अपनी तरह की पहली पहल है, जो उभरती प्रौद्योगिकियों को जनसुविधा से जोड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह रोबोट विशेष रूप से व्यस्त समय के दौरान स्टेशन संचालन में सहायता करेगा और आरपीएफ कर्मियों के साथ समन्वय में कार्य करेगा।
स्वदेशी तकनीक और उन्नत क्षमताएं
एएससी अर्जुन को विशाखापत्तनम में ही स्वदेशी तकनीक के माध्यम से पूरी तरह डिजाइन और विकसित किया गया है। फेस रिकग्निशन सिस्टम के जरिए घुसपैठ की पहचान, एआई आधारित भीड़ निगरानी और नियंत्रण कक्षों को रियल-टाइम अलर्ट भेजने जैसी इसकी क्षमताएं स्टेशन सुरक्षा को नई मजबूती देती हैं। यह हिंदी, अंग्रेज़ी और तेलुगु में स्वचालित सार्वजनिक घोषणाएं कर यात्रियों को आवश्यक जानकारी भी प्रदान करता है।
24×7 निगरानी और मानवीय संवाद
आंशिक रूप से स्वायत्त नेविगेशन, बाधा पहचान और आग-धुएं का पता लगाने वाली प्रणालियों से लैस यह रोबोट चौबीसों घंटे प्लेटफार्मों पर गश्त कर सकता है। यात्रियों से “नमस्ते” और आरपीएफ कर्मियों को सलामी जैसे मित्रतापूर्ण संकेत इसके मानवीय स्वरूप को दर्शाते हैं। भारतीय रेलवे का मानना है कि इस तरह के नवाचार देशभर में सुरक्षित और यात्री-अनुकूल रेल वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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