नई दिल्ली : 16 जुलाई 2025
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मीडिया में चल रही उन खबरों को ‘‘भ्रामक और निराधार’’ करार दिया है जिनमें कहा गया था कि उसने समोसा, जलेबी, लड्डू जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लगाने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उसकी सलाह का उद्देश्य केवल वसा और अतिरिक्त चीनी के सेवन को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना है, न कि किसी खास व्यंजन या स्ट्रीट फूड को निशाना बनाना।
मंत्रालय ने कहा कि यह एक सामान्य परामर्श है, जिसमें लोगों को संतुलित आहार अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया गया है। इसमें फलों, सब्जियों और कम वसा वाले खाद्य विकल्पों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सीढ़ियों का उपयोग और हल्का व्यायाम जैसे सुझाव दिए गए हैं।
यह भी पढ़े : तेजस मार्क-1ए के लिए अमेरिका से मिला दूसरा इंजन, वायुसेना को जल्द मिलेंगे स्वदेशी लड़ाकू विमान…
एक अलग परामर्श में मंत्रालय ने सभी सरकारी कार्यालयों, मंत्रालयों और स्वायत्त निकायों से आग्रह किया है कि वे कार्यस्थलों पर “तेल और चीनी” की जानकारी देने वाले सूचना बोर्ड लगाएं। इसका उद्देश्य मोटापे और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए रोज़ाना जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही, आधिकारिक लेटरहेड, लिफाफों और नोटपैड पर भी स्वास्थ्य संबंधी संदेश छापने की सलाह दी गई है।
बयान में यह भी दोहराया गया कि यह परामर्श भारतीय स्ट्रीट फूड संस्कृति को लक्षित नहीं करता और न ही किसी खाद्य विक्रेता को अपने उत्पादों पर चेतावनी लगाने का निर्देश दिया गया है। यह पहल केवल एक स्वास्थ्यवर्धक वातावरण बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
हमारे व्हात्सप्प चैनल से जुड़ें; https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q हमारे ट्वीटर से जुड़ें; https://x.com/c35509


