स्वतंत्र छत्तीसगढ़ :
नारायणपुर : स्कूली छात्राओं से अश्लील हरकत करने वाले शिक्षकों पर रविवार को भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिन शिक्षकों पर बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें करने का आरोप हैं वे फरार हैं। इधर इस मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पीड़ित बच्चों के परिजनों का कहना है कि उनकी बच्चियों को फेल करने का डर दिखाकर शिक्षक अश्लील हरकतें कर रहे थे और अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी गईं।
इधर रविवार को इस मामले में दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए एनएसयूआई ने भी प्रदर्शन किया है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्राओं के मामले में महिला बाल विकास विभाग ने दोषियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र लिखा था, लेकिन पुलिस इस मामले को दबा रही है और कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कार्यकर्ता काले झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतरे कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्थानीय विधायक केदार कश्यप और पुलिस की आंखें खोलने के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विजय सलाम ने कहा कि मामले में पुलिस के पास आठ दिन पहले ही जानकारी पहुंच गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। एक ओर भाजपा सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है तो दूसरी ओर बेटियों पर अत्याचार करने वालों को बचाती है।
एन.एस.यू.आई. के प्रदेश महासचिव जय वट्टी ने कहा कि आदिवासी दलित, ओबीसी छात्राओं पर यौन अत्याचार हो रहा है लेकिन मंत्री केदार कश्यप के इशारे पर पुलिस दोषियों को बचाने में लगी हुई है। एनएसयूआई के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कांग्रेस भवन से काला झंडा लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मेला स्थल के मंच की ओर निकले, हालांकि उन्हें मेला स्थल के पहले ही पुलिस ने रोककर अरेस्ट कर लिया और कुछ समय पश्चात छोड़ दिया गया। एनएसयूआई कार्यकर्ता लगातार छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रशासन को काला झंडा दिखाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे इस दरमियान पुलिस के साथ हल्की झूमाझटकी भी हुई।
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