स्वतंत्र छत्तीसगढ़
मुख्य बातें
- डेस्क जॉब करने वालों के लिए बेहद लाभकारी योगासन
- शरीर के लचीलेपन, ताकत और ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक
- तनाव कम करने और मानसिक शांति देने में प्रभावी
- नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी घटाने में मदद
अनियमित दिनचर्या में योग का बढ़ता महत्व
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और घंटों तक ऑफिस में बैठकर काम करने की आदत लोगों को कई बीमारियों की ओर धकेल रही है। ऐसे में योग एक ऐसा सरल और प्रभावी उपाय बनकर उभर रहा है, जो शरीर और मन दोनों को संतुलित करता है। इन्हीं योगासनों में पूर्वोत्तानासन एक महत्वपूर्ण आसन है, जिसे नियमित रूप से करने से शरीर मजबूत और मन शांत रहता है। “पूर्व” यानी शरीर का अगला भाग और “उत्तान” यानी खिंचाव—यह आसन शरीर के सामने वाले हिस्से को पूरी तरह स्ट्रेच करता है और ऊर्जा का संचार बढ़ाता है।
शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद
आयुष मंत्रालय के अनुसार, पूर्वोत्तानासन ऐसा योगासन है, जिसमें शरीर का पूरा भार हाथों और पैरों पर संतुलित रहता है। इससे कलाई, कंधे, पीठ, जांघ और पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बेहतर करता है। साथ ही पेट पर दबाव पड़ने से मांसपेशियां टोन होती हैं और धीरे-धीरे पेट की अतिरिक्त चर्बी कम होने लगती है। मानसिक स्तर पर भी यह आसन तनाव को कम करता है और मन को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है।
कैसे करें पूर्वोत्तानासन, जानिए सही तरीका
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और पैरों को सीधा रखें। अब हाथों को कंधों के पास लाकर हथेलियों को जमीन पर टिकाएं। धीरे-धीरे सांस लेते हुए हाथों और पैरों के बल शरीर को ऊपर उठाएं, ताकि शरीर एक पुल या टेबल जैसी स्थिति में आ जाए। सिर को पीछे की ओर झुकाएं और छाती को ऊपर की ओर खींचें। इस मुद्रा में 15 से 30 सेकंड तक सामान्य सांस लेते रहें। फिर धीरे-धीरे शरीर को नीचे लाकर आराम करें। शुरुआत में इसे योग विशेषज्ञ की देखरेख में करना बेहतर होता है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
हालांकि पूर्वोत्तानासन बेहद लाभकारी है, लेकिन जिन लोगों को गर्दन, कलाई या कंधे में चोट है, उन्हें यह आसन करने से बचना चाहिए। किसी भी योगाभ्यास की तरह इसे भी सही तकनीक और सावधानी के साथ करना जरूरी है, ताकि शरीर को नुकसान न पहुंचे। विशेषकर शुरुआती लोगों को प्रशिक्षित योग शिक्षक के मार्गदर्शन में अभ्यास करना चाहिए।
व्यस्त जीवन में 10-15 मिनट का निवेश, लंबे समय का लाभ
व्यस्त दिनचर्या में यदि रोजाना सिर्फ 10-15 मिनट योग को दिया जाए, तो लंबे समय तक फिट और स्वस्थ रहा जा सकता है। पूर्वोत्तानासन जैसा आसन न केवल शारीरिक मजबूती देता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाए रखता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ इसे आधुनिक जीवनशैली में शामिल करने की सलाह देते हैं।
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