रायपुर / छत्तीसगढ़
मुख्य बातें :
- 2012 बैच के IAS रजत बंसल को नई बड़ी जिम्मेदारी
- राज्य सूचना आयोग में जनसंपर्क आयुक्त नियुक्त
- मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार
- रवि मित्तल की जगह मिली जिम्मेदारी, मित्तल PMO प्रतिनियुक्ति पर
- कई जिलों में कलेक्टर रह चुके हैं बंसल
रजत बंसल को छत्तीसगढ़ सरकार ने अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपते हुए राज्य सूचना आयोग में जनसंपर्क आयुक्त नियुक्त किया है। इसके साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इस संबंध में आदेश छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है। वर्तमान में बंसल के पास आयुक्त जनसंपर्क, सीईओ संवाद, संचालक भौमिकी व खनिकर्म और प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी है।
रवि मित्तल की जगह नियुक्ति, PMO में नई भूमिका
इस पद के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में थे, लेकिन अंततः सरकार ने बंसल पर भरोसा जताया। वे इस पद पर रवि मित्तल की जगह नियुक्त किए गए हैं। वहीं, रवि मित्तल को केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में उपसचिव पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए भेजा गया है। यह फेरबदल प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासनिक अनुभव और करियर की झलक
रजत बंसल ने 3 सितंबर 2012 को IAS सेवा जॉइन की थी और उनकी पहली पोस्टिंग रायगढ़ में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद वे 2014 में राजनांदगांव में एसडीएम बने। अपने करियर में उन्होंने बस्तर, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी जैसे जिलों में कलेक्टर के रूप में सेवाएं दी हैं। हरियाणा के निवासी बंसल को एक अनुभवी और प्रभावी प्रशासक के रूप में जाना जाता है।
क्या संकेत देता है यह फैसला?
सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक मजबूती और जनसंपर्क तंत्र को और प्रभावी बनाने की दिशा में देखा जा रहा है। बंसल के अनुभव और मल्टी-डिपार्टमेंट हैंडलिंग क्षमता को देखते हुए यह नियुक्ति रणनीतिक मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब सरकार जनसंवाद और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
प्रशासनिक बदलाव का व्यापक असर
इस फेरबदल से राज्य के प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। एक ओर जहां बंसल को कई अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं दूसरी ओर रवि मित्तल की केंद्र में नियुक्ति से राज्य और केंद्र के बीच समन्वय भी मजबूत हो सकता है। आने वाले समय में इन बदलावों का असर शासन की कार्यशैली और जनसेवा पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
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