महासमुंद / छत्तीसगढ़
महासमुंद। जिले में सामने आए एलपीजी गैस गबन मामले ने प्रशासनिक और कारोबारी गठजोड़ की परतें खोल दी हैं। करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की गैस के गबन, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने तत्कालीन खाद्य अधिकारी अजय यादव, गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर तथा रायपुर निवासी व्यवसायी मनीष चौधरी के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार जांच में एलपीजी गैस वितरण और रिकॉर्ड संधारण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से गैस का गबन कर शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। मामले की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेन-देन के तथ्य पुलिस के हाथ लगे हैं।
मामले में राजनीतिक कनेक्शन भी चर्चा में है। आरोपी पंकज चंद्राकर भाजपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर के दामाद बताए जा रहे हैं। घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच तेज कर दी है।
ख़बरें और भी …


