अंबिकापुर / छत्तीसगढ़
अंबिकापुर। शहर के चर्चित कमोदा रिसॉर्ट पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण किए जाने के मामले में शुक्रवार को प्रशासनिक अमला कार्रवाई करने पहुंचा। राजस्व विभाग की टीम एसडीएम वन सिंह नेताम के नेतृत्व में रिसॉर्ट परिसर पहुंची, जहां घंटों तक सीमांकन की प्रक्रिया चली। प्रशासन द्वारा बुलडोजर भी मौके पर लाया गया, लेकिन विरोध और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद तत्काल कार्रवाई टाल दी गई।
जानकारी के अनुसार कमोदा रिसॉर्ट पर करीब 45 डिसमिल सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण किए जाने का आरोप है। इस मामले की शिकायत पूर्व में कलेक्टर से की गई थी, जिसके बाद तहसीलदार न्यायालय द्वारा जांच कर अतिक्रमण की पुष्टि करते हुए आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने पर दोबारा शिकायत की गई।
शुक्रवार को प्रशासनिक टीम जब अतिक्रमण हटाने पहुंची, तब रिसॉर्ट संचालकों और उनके परिजनों ने कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि उन्हें पूर्व में उचित नोटिस नहीं दिया गया है। साथ ही संबंधित भूमि के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त होने एवं नगर निगम से भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने की बात भी कही गई।
इसी दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत भी मौके पर पहुंच गए। उनके पहुंचने के बाद माहौल गर्मा गया और प्रशासन ने तत्काल तोड़फोड़ की कार्रवाई स्थगित कर दी। जेसीबी मशीन वापस लौटा दी गई।
एसडीएम वन सिंह नेताम ने बताया कि रिसॉर्ट संचालकों को दो दिन का समय दिया गया है। निर्धारित समयावधि के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं माना जा रहा है कि रिसॉर्ट संचालक मामले को लेकर न्यायालय की शरण ले सकते हैं, जिससे आगामी कार्रवाई प्रभावित हो सकती है।
मामले को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


