स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
हाइलाइट: नई व्यवस्था के तहत अब राज्य के सभी 199 नगरीय निकायों में हर व्यापारी को ‘ट्रेड लाइसेंस’ लेना अनिवार्य होगा । सड़क की चौड़ाई और क्षेत्र के हिसाब से शुल्क तय किया गया है । पहले गुमटी , ठेले या छोटे वाहनों से कारोबार करने वालों को छूट थी , लेकिन अब उन्हें भी लाइसेंस लेना होगा ।
नई व्यवस्था से अब हर व्यवसाय लाइसेंस के दायरे में रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए ‘छत्तीसगढ़ नगर पालिका व्यापार अनुज्ञापन नियम लागू कर दिया है । इस नए नियम के तहत अब राज्य के किसी भी नगरीय क्षेत्र में बिना ट्रेड लाइसेंस के कोई भी व्यवसाय नहीं चल सकेगा । चाहे दुकान पक्की हो , गुमटी या ठेला हो , या ऑटो–मिनी ट्रक जैसे चलित वाहन पर व्यापार होता हो — सबके लिए अब लाइसेंस अनिवार्य होगा । राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से शहरी व्यवसाय व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी , और अवैध दुकानों व असंगठित कारोबारों पर नियंत्रण होगा ।
सड़क की चौड़ाई के अनुसार दुकान का शुल्क तय
नई नीति के मुताबिक दुकानों की वार्षिक फीस सड़क की चौड़ाई और क्षेत्र के प्रकार के अनुसार तय की जाएगी । नगर निगम क्षेत्र 4/- रुपये प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष नगर पालिका 3/- रुपये प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष नगर पंचायत 2/- रुपये प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष
यदि सड़क की चौड़ाई 5 से 15 मीटर के बीच है तो — निगम क्षेत्र 5/- रुपये पालिका 4/- रुपये नगर पंचायत 3/- रुपये प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष और 15 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क के लिए — निगम में 6/- रुपये पालिका 4/- रुपये नगर पंचायत 4/- रुपये प्रति वर्गफुट वार्षिक शुल्क देना होगा ।
ठेले–गुमटी और वाहनों पर चलने वाले व्यापार भी आए दायरे में
पहले जहां गुमटी या ठेले से कारोबार करने वालों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ता था , वहीं अब उन्हें भी लाइसेंस लेना जरूरी होगा । गुमटी/कच्ची दुकान निगम क्षेत्र 250/- रुपये पालिका 150/- रुपये नगर पंचायत 100/- रुपये प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष । मिनी ट्रक , पिकअप , वैन , जीप जैसे वाहन निगम क्षेत्र 400/- रुपये पालिका 300/- रुपये नगर पंचायत 200/- रुपये सालाना । ऑटो रिक्शा या तिपहिया वाहन निगम 250/- रुपये पालिका 200/- रुपये नगर पंचायत 150/- रुपये प्रति वर्ष । रायपुर नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया , “इस कदम से छोटे व्यापारियों को भी पंजीकृत प्रणाली में लाया जा सकेगा । साथ ही नगर निकायों की आय में भी वृद्धि होगी ।”
क्षेत्र के महत्व के हिसाब से भी शुल्क बदलेगा
नई नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि मुख्य बाजार , मध्यम बाजार और मोहल्ला क्षेत्र के अनुसार भी शुल्क निर्धारित होगा । मुख्य बाजार क्षेत्र निगम 6/- रुपये पालिका 3/- रुपये नगर पंचायत 2/- रुपये प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष । मध्यम बाजार क्षेत्र निगम 5/- रुपये पालिका 4/- रुपये नगर पंचायत 3/- रुपये । मोहल्ला/कॉलोनी क्षेत्र निगम 4/- रुपये पालिका 3/- रुपये नगर पंचायत 2/- रुपये प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष । इससे जहां बड़े बाजारों से अधिक राजस्व प्राप्त होगा , वहीं छोटे इलाकों के व्यवसायियों पर अपेक्षाकृत कम भार पड़ेगा ।
पहली बार सभी 199 नगरीय निकायों में एकसमान व्यवस्था
पहले यह नियम केवल 45 नगरीय निकायों तक सीमित था , लेकिन अब इसे पूरे राज्य के 199 नगरीय निकायों में लागू कर दिया गया है । अब गुमास्ता और ट्रेड लाइसेंस के अलग-अलग दस्तावेजों की जगह एकीकृत ‘ट्रेड लाइसेंस’ प्रणाली लागू की गई है । इससे दस्तावेजों में होने वाली विसंगतियों और भ्रष्टाचार की संभावनाओं में कमी आएगी । नगर विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया , “नई नीति से व्यापारिक पारदर्शिता बढ़ेगी और निकायों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे ।”
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