नई दिल्ली/स्वतंत्र छत्तीसगढ़
दिल्ली: 03 अक्टूबर 25— देशभर में गुरुवार को दशहरा/विजयादशमी का पर्व परंपरा और उत्साह के साथ मनाया गया। यह पर्व बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अहंकार पर विनम्रता की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर जगह-जगह रामलीलाओं का आयोजन हुआ और रावण के पुतलों का दहन कर लोगों ने भगवान राम की विजय को स्मरण किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने लालकिले से दिया संदेश
दिल्ली के लालकिले में बारिश के बीच आयोजित दशहरा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हिस्सा लिया। उन्होंने धार्मिक रामलीला समिति के कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से धनुष-बाण चलाकर रावण दहन की परंपरा निभाई।
राष्ट्रपति ने कहा—
- यह पर्व हमेशा से बुराई पर अच्छाई और घृणा पर प्रेम की विजय का प्रतीक रहा है।
- जब आतंकवाद मानवता पर हमला करता है, तो उसका मुकाबला करना आवश्यक है।
- ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के रावण पर निर्णायक जीत का प्रतीक है।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि केवल बाहरी रावण का नहीं, बल्कि अपने भीतर के दोषों और बुराइयों का भी नाश करें।
प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को विजयादशमी की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व अच्छाई और सत्य की जीत का प्रतीक है। उन्होंने लोगों को साहस, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उपराष्ट्रपति सीवी राधाकृष्णन ने भी शुभकामनाएं दीं और इसे सत्य, धर्म और साहस जैसे मूल्यों की याद दिलाने वाला पर्व बताया।
दशहरा पर्व के मौके पर महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई।
- उद्धव ठाकरे ने शिवतीर्थ (मुंबई) में आयोजित रैली में कार्यकर्ताओं से किसानों की मदद का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “सोना मेरे पास है, गधे पर चाहे शॉल डाल दो, गधा गधा ही रहता है।” उद्धव ने केंद्र सरकार पर भी तीखे हमले किए और आरोप लगाया कि किसानों को मदद नहीं मिल रही जबकि चुनाव के वक्त पैसे बांटे जाते हैं।
- वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गोरेगांव नेस्को परिसर में रैली कर उद्धव पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “30 साल मुंबई नगर निगम आपके हाथ में था, वह धन कहां गया?” शिंदे ने बाढ़ प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले मदद पहुंचाने का वादा किया और खुद को “किसान का बेटा” बताते हुए किसानों की तकलीफ समझने की बात कही।
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