रायपुर : 22 जुलाई 2025
सिंचाई विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी तुषारकर देवांगन से साइबर ठगों ने फर्जी गिरफ्तारी का डर दिखाकर 32 लाख 54 हजार 996 रुपये ठग लिए। दो ठगों ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बताते हुए उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और पैसे वसूले। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित तुषारकर देवांगन के मुताबिक, 3 जुलाई को उन्हें व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को विजय खन्ना और रश्मि शुक्ला बताया और कहा कि वे टेलीकॉम अथॉरिटी और CBI के प्रोसेसिंग अफसर हैं। इसके बाद व्हाट्सएप पर ही एक फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजा गया और कहा गया कि देवांगन का नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुड़ा है।
ठगों ने एक व्यक्ति की फोटो भेजकर बताया कि वह नरेश गोयल है, जो कैनरा बैंक मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल है, और देवांगन का नाम भी इसी केस से जोड़ा गया है। इसके बाद डर का माहौल बनाकर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दी गई और जेल भेजने की बात कही गई।
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डर के मारे देवांगन ने 6 बार में फोन-पे के जरिए कुल 32 लाख 54 हजार 996 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। करीब 15 दिनों तक ठग लगातार कॉल करते रहे और धमकियां देते रहे। अंततः 18 जुलाई को जब सभी मोबाइल नंबर बंद मिले, तब देवांगन को ठगी का अहसास हुआ।
देवांगन ने तुरंत मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस की अपील:
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, खासकर खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों की बातों में न आएं। गिरफ्तारी या कानूनी प्रक्रिया से संबंधित कोई सूचना केवल विधिवत नोटिस के माध्यम से ही दी जाती है, न कि व्हाट्सएप कॉल या मैसेज पर।
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