रायपुर : 15 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ शासन ने दो गंभीर भ्रष्टाचार मामलों में सख्त कदम उठाते हुए एक डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया है, जबकि एक आरक्षक पर करोड़ों की ठगी के आरोप में जांच तेज कर दी गई है।
डॉक्टर नसीम को 11 साल पुराने रिश्वत मामले में बर्खास्त
धमतरी जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. एम.ए. नसीम को वर्ष 2014 में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। रायपुर की विशेष अदालत ने 2018 में उन्हें एक साल की सजा और 15 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया था। हाईकोर्ट में अपील लंबित रहने के बावजूद हाल ही में राज्य शासन ने पूरे प्रकरण की समीक्षा कर डॉक्टर नसीम को सेवा से बर्खास्त कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने इस आदेश की पुष्टि की है।
यह भी पढ़े : तोमर ब्रदर्स पर पुलिस की सख्ती तेज: पत्नी भावना तोमर गिरफ्तार, कोर्ट का 18 अगस्त तक पेश होने का आदेश…
आरक्षक हेमंत नायक पर करोड़ों की ठगी का आरोप
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के आरक्षक हेमंत नायक पर खातों को फ्रीज और डी-फ्रीज कराने के नाम पर आवेदकों से भारी रकम वसूलने का आरोप है। शिकायत 3 जुलाई 2024 को सामने आई थी, जिसकी प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है। सूत्रों के अनुसार, नायक अब तक लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये की अवैध वसूली कर चुका है। वह पहले साइबर सेल की तकनीकी टीम में था, जिससे उसे बैंकिंग और डिजिटल सिस्टम की गहरी जानकारी थी।
पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। ठगी की पूरी राशि और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।
सरकार का सख्त रुख
इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में कोई नरमी नहीं बरतेगी। शासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
हमारे व्हात्सप्प चैनल से जुड़ें; https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q हमारे ट्वीटर से जुड़ें; https://x.com/c35509


