रायपुर/छत्तीसगढ़
रायपुर/दिल्ली। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी के बीच पार्टी हाईकमान ने संगठन में नई ऊर्जा और अनुशासन लाने की दिशा में सख्त कदम उठाए हैं। दिल्ली में आयोजित नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की बैठक के बाद संगठन की ओर से स्पष्ट और कड़े दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि अब जिला अध्यक्षों के कामकाज की हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी और उनके प्रदर्शन के आधार पर संगठनात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक से लौटने के बाद पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से ठोस दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्षों की जमीनी सक्रियता, संगठन विस्तार और जनसंपर्क गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी। पार्टी अब केवल औपचारिक पदाधिकारिता पर नहीं, बल्कि वास्तविक कार्य और परिणाम पर जोर दे रही है।
दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में अब केवल पद पर बने रहना पर्याप्त नहीं होगा। संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान, आंदोलनात्मक गतिविधियों में भागीदारी और पार्टी कार्यक्रमों के सफल संचालन को प्रमुख मापदंड माना जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला अध्यक्षों को उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर तीन श्रेणियों—ग्रीन, यलो और रेड—में वर्गीकृत किया जाएगा। ग्रीन श्रेणी में वे अध्यक्ष होंगे जिनका प्रदर्शन संतोषजनक और प्रभावी रहेगा तथा जिन्होंने संगठन को मजबूत करने में ठोस योगदान दिया होगा।
यलो श्रेणी में औसत प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों को रखा जाएगा, जिनसे बेहतर कार्य की अपेक्षा की जाएगी। वहीं, रेड श्रेणी में लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। पीसीसी अध्यक्ष बैज ने कहा कि रेड श्रेणी में आने वाले पदाधिकारियों को पहले सुधार का अवसर दिया जाएगा, लेकिन निर्धारित समय में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संगठनात्मक बदलाव किया जा सकता है। इस फैसले को आगामी चुनावों से पहले संगठन को सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
खबरें और भी…


