स्वतंत्र छत्तीसगढ़ :
रायपुर :
छत्तीसगढ़ के बीएड वोकेशनल प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर शिक्षामंत्री बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात की। प्रदेशभर से आए शिक्षकों की बात सुनने के बाद अग्रवाल ने शिक्षकों आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आपके हित में सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार पक्ष रखेगी।
बता दें कि लगभग 4000 सहायक शिक्षक के पद पर काम करने बीएड प्रशिक्षित को अभी हाल में 02/04/24 को उच्च न्यायालय बिलासपुर ने पारित आदेश में चयनित सहायक शिक्षकों के नियुक्ति को अवैध करार दिया है।

ये हैं शिक्षकों का पक्ष
कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों की पक्ष है कि-
(1) NCTE के गाइडलाइन के अनुसार बीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थी सहायक शिक्षक के पद के लिए पात्र थे।
(2) शिक्षक भर्ती के नोटिफिकेशन अनुसार डी.एड. और बीएड प्रशिक्षार्थी को पात्र माना गया था।
(3) इसके पहले शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी प्राइमरी स्कूल के लिए बी. एड. प्रशिक्षार्थी पात्र थे।
(4) सभी बीएड प्रशिक्षार्थी सभी नियमों और गाइडलाइन का पालन करते हुए व्यापम के ही आयोजित परीक्षा परिणाम में मेरिट में स्थान पाकर सहायक शिक्षक के पद पर विगत 6 -7 माह से कार्यरत है।
विभागीय डीएड ब्रिजकोर्स कराते हुए सेवा सुरक्षा प्रदान कर उनकी सेवा और परिवार को संरक्षण दिया जाए।
ये मिला आश्वासन
शिक्षा मंत्री अग्रवाल ने कहा कि बी.एड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों के हित में सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पक्ष रखा जाएगा, शिक्षकों की सेवा सुरक्षा करेंगे,,शिक्षा विभाग के सभी खाली पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
बीईओ के पद पूर्ति नियम में हो संशोधन की गुंजाइश है, इसे परीक्षण किया जाएगा, पदोन्नति संशोधन पीड़ित शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान करेंगे,सीधी भर्ती और पदोन्नति नियम के 50-50 प्रतिशत के रेशियों का पालन किया जाएगा।

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