रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
छत्तीसगढ़ स्कूल मध्यान्ह भोजन रसोईया संयुक्त संघ की रैली के दौरान कानून-व्यवस्था भंग होने का मामला सामने आया है। नवा रायपुर में मुख्य मार्ग जाम, सरकार-विरोधी नारेबाजी और आम जनता को परेशानी के आरोप में पुलिस ने संघ के पदाधिकारियों समेत 500 से 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारी फिलहाल अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
धरना-प्रदर्शन से बिगड़ी व्यवस्था
यह कार्रवाई अभनपुर में पदस्थ थाना प्रभारी निरीक्षक की शिकायत पर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अभनपुर थाना पुलिस धरना-प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था ड्यूटी के लिए तूता, नवा रायपुर पहुंची थी। यहां छत्तीसगढ़ स्कूल मध्यान्ह भोजन रसोईया संयुक्त संघ के सदस्य अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों पर आरोप है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए रैली निकालने का प्रयास किया।
भड़काऊ भाषण और अवैध रैली का आरोप
पुलिस का कहना है कि राम गुलाम ठाकुर के कथित भड़काऊ भाषण के बाद रामराज कश्यप के नेतृत्व में संघ के सदस्य नवा रायपुर के मुख्य मार्ग की ओर बढ़ गए। इस दौरान आने-जाने वाले लोगों को रोककर अवैध रूप से रैली निकाली गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर मौजूद कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अभनपुर ने रैली को अवैध बताते हुए बार-बार समझाइश दी कि मुख्य मार्ग अवरुद्ध करने से आम जनता को असुविधा होगी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने निर्देशों की अनदेखी की।
सीएम और मंत्रियों के खिलाफ नारेबाजी, मामला दर्ज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रैली के दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री सहित शासन-प्रशासन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और नारेबाजी की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और रास्ता जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस ने इस मामले में रामराज कश्यप (प्रदेश अध्यक्ष), मेघराज बघेल (प्रदेश सचिव), कचरा चंद्राकर (प्रदेश उपाध्यक्ष), सुनीता, उल्फी यादव, कन्हैया यादव (प्रदेश कोषाध्यक्ष) और राम गुलाम ठाकुर सहित अन्य 500–600 सदस्यों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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