अजीत पवार विमान क्रेश
मुंबई से बारामती जा रहा बॉम्बार्डियर लेयरजेट-45 लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हुई। पायलट-ATC बातचीत और मौसम-विजिबिलिटी अब जांच का केंद्र हैं।
✦ कब और कैसे शुरू हुई उड़ान की आख़िरी प्रक्रिया
मुंबई से बारामती जा रहा विमान VI-SSK पहली बार सुबह 8:18 बजे बारामती एयरफील्ड के संपर्क में आया। यह एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है, जहां एयर ट्रैफिक की जानकारी फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन के इंस्ट्रक्टर साझा करते हैं। पायलट को पुणे से अप्रोच की अनुमति दी गई थी। मौसम संबंधी पूछताछ पर पायलट ने बताया कि हवा शांत है और विजिबिलिटी लगभग 3000 मीटर है। इसी आधार पर विमान को लैंडिंग की सशर्त अनुमति दी गई।
✦ रनवे नहीं दिखा… फिर दिखने का दावा
जब विमान रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर पहुंचा तो पायलट ने ATC को बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। इस पर पहले अप्रोच में गो-अराउंड शुरू किया गया और रनवे दिखने पर रिपोर्ट करने को कहा गया। कुछ सेकेंड बाद पायलट ने कहा कि रनवे दिख रहा है। यही पल अब जांच एजेंसियों के लिए सबसे अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी बातचीत के थोड़ी देर बाद हादसा हो गया।
✦ 8:43 की लैंडिंग अनुमति और 8:44 की आग
सुबह 8:43 बजे विमान को रनवे पर उतरने की अनुमति दी गई, लेकिन लैंडिंग क्लीयरेंस का रीडबैक ATC को नहीं मिला। इसके ठीक एक मिनट बाद, सुबह 8:44 बजे रनवे 11 के पास आग की लपटें दिखाई दीं। तत्काल इमरजेंसी सेवाएं भेजी गईं, लेकिन तब तक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुका था। इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई।
✦ जांच के घेरे में मौसम, विजिबिलिटी और मानवीय निर्णय
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) ने हादसे की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। पायलट और ATC की बातचीत, अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड की प्रक्रियाएं, मौसम की वास्तविक स्थिति और अंतिम क्षणों में लिए गए निर्णय—इन सभी बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी चूक था, मानवीय भूल या परिस्थितियों का घातक मेल।
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