भारत
हाइलाइट :
• कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री की विदेश नीति और साहस पर सवाल उठाए
• व्यापार समझौते की शर्तें सार्वजनिक न करने का आरोप
• किसानों के हितों की अनदेखी का दावा
प्रधानमंत्री पर तीखा राजनीतिक आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खार्गे ने प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कथित तौर पर “एपस्टीन फाइलों” से जुड़ी आशंकाओं के कारण उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। खार्गे का दावा है कि इस दबाव में भारत के किसानों के हितों की बलि दी गई और सरकार विपक्ष के सवालों का सामना करने का साहस नहीं दिखा रही। उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों की रक्षा कैसे की जा रही है।
व्यापार समझौते पर पारदर्शिता की मांग
कांग्रेस सांसदों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रस्तावित या हुए व्यापार समझौतों के विवरण साझा करने में विफल रही है। विपक्ष का कहना है कि संसद और देश को यह जानने का अधिकार है कि समझौते की शर्तें क्या हैं, उनसे कृषि, एमएसपी और घरेलू उद्योगों पर क्या असर पड़ेगा। सांसदों ने सरकार से दस्तावेज सार्वजनिक करने और संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
खार्गे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष के सीधे सवालों से बचते हैं, जिससे लोकतांत्रिक जवाबदेही कमजोर होती है। कांग्रेस का तर्क है कि किसानों और आम नागरिकों से जुड़े फैसलों पर पारदर्शिता और संवाद अनिवार्य है। सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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