रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
- 5 डे वर्किंग सिस्टम लागू करने की मांग को लेकर 27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल
- छत्तीसगढ़ में करीब 2500 सरकारी बैंक शाखाओं पर असर, 25 हजार कर्मचारी शामिल
- रायपुर के मोतीबाग के पास बैंककर्मियों का प्रदर्शन
- निजी बैंक खुले, डिजिटल सेवाएं बनी सहारा
सरकारी बैंकों पर हड़ताल का सीधा असर
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर सप्ताह में 5 दिन काम की एकसूत्रीय मांग को लेकर मंगलवार को देशभर के सरकारी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। छत्तीसगढ़ में इसका व्यापक असर देखने को मिला, जहां रायपुर समेत प्रदेशभर में करीब 2500 सरकारी बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक सहित 12 सार्वजनिक बैंकों की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं।
रायपुर में सड़क पर उतरे बैंक अधिकारी-कर्मचारी
राजधानी रायपुर में बैंक कर्मचारी मोतीबाग के पास सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते नजर आए। अनुमान के मुताबिक प्रदेशभर से करीब 25 हजार बैंक अधिकारी और कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित 5 डे वर्किंग सिस्टम को तुरंत लागू किया जाना चाहिए, ताकि कार्य-जीवन संतुलन बेहतर हो सके। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग सरकार और बैंक प्रबंधन तक पहुंचाने की कोशिश की।
लगातार चौथे दिन ठप रही बैंकिंग सेवाएं
पहले ही 24 जनवरी को दूसरा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की छुट्टी के चलते बैंक बंद थे। ऐसे में 27 जनवरी की हड़ताल ने ग्राहकों की परेशानी और बढ़ा दी। कैश लेन-देन, चेक क्लियरेंस और शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि राहत की बात यह रही कि HDFC, ICICI, Axis, Kotak Mahindra, IndusInd, Yes Bank, IDFC और Bandhan Bank जैसे निजी बैंक खुले रहे। साथ ही ग्राहकों को नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसे डिजिटल विकल्पों का सहारा लेने की सलाह दी गई।


