नई दिल्ली /रायपुर
क्रेडिट कार्ड से रेंट का पेमेंट करना मुश्किलें बढ़ा सकता है। आयकर विभाग ने देखा है कि लोग बनावटी खर्च कर रहे हैं। ऐसे मामलों में HRA क्लेम रिजेक्ट हो सकता है और पेनल्टी भी लग सकती है…
मोबाइल की तरह क्रेडिट कार्ड भी अब कुछ लोगों की जिंदगी का साथी बन गया है। कुछ लोग इसका सही से इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ इसका ऐसे इस्तेमाल करते हैं कि आयकर विभाग नोटिस मिल जाता है। आज हम आपको क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल किए जाने वाले उस खतरनाक तरीके से आगाह करने वाले हैं, जो आपको मुश्किलों में डाल सकता है।
क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट
अगर आप भी क्रेडिट कार्ड से अपना रेंट का पेमेंट करते हैं, तो ये आपकी मुश्किलों को बढ़ा सकता है। यहां तक कि आपको इनकम विभाग का नोटिस भी मिल सकता है। दरअसल हाल ही में इनकम टैक्स विभाग ने देखा कि कुछ लोग लोग रेंट चुकाने के नाम पर पैसे घुमा रहे हैं। ये लोग रेंट के नाम पर अपने दोस्तों और परिवार को पैसे ट्रांसफर करते हैं और फिर बाद में उनसे अपने बैंक अकाउंट में पैसे ले ले लेते हैं। इसे इनकम टैक्स भी भाषा में ‘बनावटी खर्च-Manufactured Spending’ कहा जाता है।
आयकर विभाग ने देखा कि क्रेडिट कार्ड से पैसे तो खर्च हो रहे हैं, लेकिन इससे कुछ खरीदा नहीं जा रहा है। लोग सिर्फ कैशबैक और रिवॉर्ड्स के लालच में ऐसा कर रहे हैं। बता दें कि कई ऐप रेंट का पेमेंट करने से काफी अच्छा कैशबैक देते हैं। इसलिए कुछ लोग फर्जी रेंट का पेमेंट करते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो आपका HRA क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। आयकर विभाग AIS और SFT डेटा से मिसमैच पकड़ता है, जैसे टेनेंट HRA क्लेम करता है, लेकिन लैंडलॉर्ड रेंट इनकम नहीं दिखाता, तो HRA क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है और पेनल्टी लग सकती है।
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