रायगढ़/छत्तीसगढ़
हाईलाइट बॉक्स
बिजली विभाग की सख्ती, 10 हजार से अधिक बकाया वालों पर कार्रवाई, 12 बाहरी टीमों की तैनाती, 2 दिन में 228 कनेक्शन कटे, 134 उपभोक्ताओं से 25 लाख की वसूली, बिजली चोरी पर केस दर्ज करने की चेतावनी
अभियान में बाहरी जिलों की 12 टीमों ने संभाला मोर्चा
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में बिजली विभाग ने बकायादार उपभोक्ताओं के खिलाफ व्यापक और संगठित अभियान चलाया। 10 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले 228 उपभोक्ताओं के कनेक्शन दो दिनों के भीतर काटे गए। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बाहरी जिलों से लगभग 12 विशेष टीमें बुलायी गईं, जिनमें जूनियर इंजीनियर (JE), दो लाइनमैन और अन्य तकनीकी कर्मचारी शामिल थे। मंगलवार को पहले दिन 203 उपभोक्ताओं की सूची तैयार की गई, जिन पर कुल 65 लाख रुपये का बकाया दर्ज था। कार्रवाई के दौरान 73 उपभोक्ताओं ने मौके पर ही 15 लाख रुपये का भुगतान कर राहत पायी, जबकि 130 कनेक्शन काटे गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि भुगतान न होने तक सेवा बहाल नहीं की जाएगी।
दूसरे दिन 199 बकायादार चिन्हित, 98 कनेक्शन और कटे
बुधवार को अभियान का दूसरा चरण भी उतनी ही तीव्रता से जारी रहा। इस दिन 199 बकायादार उपभोक्ताओं की पहचान की गई, जिन पर कुल 62 लाख रुपये की देनदारी लंबित थी। इनमें से 61 उपभोक्ताओं ने लगभग 10 लाख रुपये जमा किए, जिससे कुल दो दिवसीय वसूली 25 लाख रुपये तक पहुंच गई। हालांकि, 98 उपभोक्ताओं ने भुगतान नहीं किया, जिसके चलते उनके बिजली कनेक्शन तुरंत प्रभाव से काट दिए गए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल राजस्व वसूली नहीं, बल्कि समय पर भुगतान की संस्कृति विकसित करना भी है, ताकि बिजली व्यवस्था पर वित्तीय बोझ न पड़े और ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा मिल सके।
बिजली चोरी पर दर्ज होगा केस, विशेष निगरानी में रहेंगे बकायादार
बिजली विभाग ने बताया कि अब कनेक्शन कट चुके उपभोक्ताओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि बिना भुगतान के बिजली उपयोग या चोरी की घटनाओं को रोका जा सके। यदि कोई उपभोक्ता बिना बकाया चुकाए बिजली का उपयोग करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी मामला दर्ज किया जाएगा और आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने याद दिलाया कि दिसंबर में भी ऐसा ही दो दिवसीय अभियान चलाया गया था, जिसमें 298 कनेक्शन काटे गए और 153 उपभोक्ताओं से 37 लाख रुपये वसूले गए थे। स्थानीय नागरिकों ने इस सख्ती को जरूरी बताते हुए कहा कि “बिजली सेवा तभी टिकाऊ बनेगी, जब सभी जिम्मेदारी से भुगतान करें।”
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