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Sunday, March 29, 2026

दुर्ग जिले के उतई में दूषित पानी से पीलिया का प्रकोप, 14-15 वार्ड में हड़कंप…

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नगर पंचायत उतई के वार्ड 14 और 15 में पीलिया के 20+ मामले, एक महीने से मिल रहे मरीज, जलस्रोत नालियों से हुए दूषित, स्वास्थ्य विभाग ने हैंडपंप-बोरिंग बंद किए, टैंकर से शुद्ध पानी सप्लाई, क्लोरीन टैबलेट व दवाइयों का वितरण, सैंपल जांच को भेजे

दूषित जलस्रोत से फैली बीमारी की आशंका

दुर्ग जिले की नगर पंचायत उतई के वार्ड क्रमांक 14 और 15 में गंदा और बदबूदार पानी पीने से पीलिया फैलने का गंभीर मामला सामने आया है। पिछले करीब एक महीने से इन इलाकों में लगातार मरीज मिल रहे हैं, जिससे नगर पंचायत में हड़कंप मचा हुआ है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि नालियों में जमा गंदा पानी रिसकर घरों और सार्वजनिक हैंडपंपों के जलस्रोत में मिल गया, जिससे पानी दूषित हो गया। पहले कुछ परिवारों को लगा कि यह समस्या सिर्फ उनके घर तक सीमित है, लेकिन धीरे-धीरे पूरे मोहल्ले में एक जैसे लक्षण दिखाई देने लगे, जिससे संक्रमण की पुष्टि हुई। स्थानीय निवासी कमला साहू ने बताया, “हमने कभी नहीं सोचा था कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत बीमारी की वजह बन जाएगी, अब डर लगता है बिना उबाले पानी पीने में।”

स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चा, बीएमओ ने किया निरीक्षण

सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम वार्ड-15 पहुंची और करीब 20 मरीजों के घर-घर जाकर निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि अधिकांश परिवार बोरिंग और हैंडपंप का पानी इस्तेमाल कर रहे थे। वार्ड-15 में एक कॉमन हैंडपंप को एहतियातन बंद कर दिया गया है, वहीं वार्ड-14 में प्रभावित 12 मरीजों के मिलने के बाद एक बोरिंग को भी तत्काल बंद कर दिया गया। बीएमओ डॉ. देवेंद्र बेलचंदन ने डॉक्टरों के साथ प्रभावित घरों का जायजा लिया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। उन्होंने बताया, “दो नए घरों में हल्के लक्षण जरूर दिखे थे, लेकिन स्थिति सामान्य है। एहतियात के तौर पर क्लोरीन टैबलेट और दवाइयाँ बांटी जा रही हैं। मितानिनों के जरिए घर-घर सर्वे जारी है।” स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य ने बताया कि पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

नगर पंचायत ने टैंकर से शुरू की शुद्ध जल आपूर्ति

प्रभावित क्षेत्रों में नगर पंचायत द्वारा सार्वजनिक हैंडपंप और बोरिंग बंद कर शुद्ध पानी की आपूर्ति टैंकरों से की जा रही है। पाइपलाइन के नालियों के बीच से गुजरने के कारण जल प्रदूषण का खतरा बढ़ा हुआ पाया गया है, जिस पर मरम्मत और सफाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र नायक ने कहा, “स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। नालियों की सफाई और कीटनाशक छिड़काव का काम तेज कर दिया गया है।” स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को केवल उबला हुआ पानी पीने, साफ-सफाई रखने और खान-पान में सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन का दावा है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन निगरानी जारी रहेगी।

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