दुर्ग/छत्तीसगढ़
हाइलाइट दुर्ग जिले में अब तक 78707. 80 मीट्रिक टन धान की खरीदी 14879 किसानों ने समर्थन मूल्य पर बेचा अपना धान तुंहर टोकन सिस्टम से खत्म हुई लंबी कतारें , भुगतान समय पर मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया बिरेझर उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किसानों ने कहा—“व्यवस्था बेहतर , बेचने में नहीं हो रही कोई दिक्कत”
दुर्ग जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तेजी से जारी दुर्ग जिले में इस वर्ष धान खरीदी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है । जिले की 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केंद्रों में अब तक कुल 14879 किसानों से 78707. 80 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है । शासन की पारदर्शी व्यवस्था और तुंहर टोकन प्रणाली ने इस बार किसानों के लिए खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सहज और सुगम बना दिया है । किसान निर्धारित तिथि पर सीधे केंद्रों में पहुंचकर धान बिक्री कर रहे हैं , जिससे खरीदी प्रक्रिया बिना किसी अव्यवस्था के लगातार तेज गति से आगे बढ़ रही है ।
तुंहर टोकन प्रणाली से किसानों को मिली बड़ी राहत
ऑनलाइन टोकन ने खत्म की लंबी लाइनें प्रदेश के स्कूल शिक्षा , ग्रामोद्योग , विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग जिले के बिरेझर उपार्जन केंद्र में पहुंचकर खरीदी व्यवस्था का निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों से सीधी बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को जाना । किसानों ने बताया कि तुंहर टोकन की ऑनलाइन व्यवस्था के कारण अब उन्हें खरीदी केंद्रों में लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ता । निर्धारित दिनांक पर टोकन के अनुसार पहुंचने से न समय की बर्बादी होती है और न ही भीड़ का दबाव बनता है । मंत्री यादव ने किसानों को बताया कि राज्य सरकार ने खरीदी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की है । उन्होंने कहा कि किसानों के खाते में भुगतान भी निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जा रहा है , जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है ।
खरीदी केंद्रों में बेहतर सुविधाएँ—किसानों ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया
प्रशासन की व्यवस्था पर किसानों ने जताया भरोसा खरीदी केंद्रों में पहुंचने वाले किसानों ने मंत्री को बताया कि जिला प्रशासन द्वारा— पर्याप्त बारदाना उपलब्धता , सटीक इलेक्ट्रॉनिक तौल , पेयजल और विश्राम व्यवस्था , और टोकन प्रणाली जैसी जरूरतें पूरी तरह उपलब्ध कराई जा रही हैं । किसानों ने कहा कि निर्धारित तिथि पर वे आसानी से अपना धान बेच पा रहे हैं और किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आती । एक किसान ने बातचीत में कहा— “इस बार खरीदी केंद्रों में व्यवस्था बहुत सुधरी है । तौल से लेकर भुगतान तक सब कुछ सही समय पर हो रहा है ।” मंत्री श्री यादव ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए और बेहतर सुविधाएं लागू की जाएंगी । निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित समिति प्रबंधक को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए ।
पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत किसान , मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था दुर्ग जिले की धान खरीदी व्यवस्था इस बार प्रशासनिक पारदर्शिता और तकनीकी सुविधा का उत्तम उदाहरण बनकर सामने आई है । तुंहर टोकन जैसी योजनाओं ने किसानों को समय , सुविधा और आर्थिक सुरक्षा—तीनों प्रदान किए हैं । तेजी से चल रही खरीदी ने न केवल किसानों का भरोसा बढ़ाया है , बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा भर दी है ।
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