सुकमा / छत्तीसगढ़
हाइलाइट
• दक्षिण बस्तर के सुकमा जिले में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक और IED ब्लास्ट • एरिया डॉमिनेशन पर निकली जिला पुलिस बल की महिला आरक्षक घायल • हेलीकॉप्टर से रायपुर एयरलिफ्ट , डॉक्टरों की टीम अलर्ट • घटना के बाद सर्चिंग अभियान तेज , माओवादी मूवमेंट के संकेत पहले से
सुकमा में फिर धमाका जंगल-पहाड़ के बीच IED विस्फोट , महिला आरक्षक घायल नक्सल प्रभावित दक्षिण बस्तर के सुकमा जिले में गुरुवार दोपहर लगभग 130 बजे एक बार फिर आईईडी विस्फोट की घटना सामने आई । फूलबगडी थाना क्षेत्र के गोगुंडा पहाड़ी इलाके में हुए विस्फोट में जिला पुलिस बल की एक महिला आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गईं । सुरक्षा बल हर दिन की तरह नियमित एरिया डॉमिनेशन ड्यूटी पर जंगल और पहाड़ी रास्तों से गुजर रहे थे , तभी अचानक विस्फोट हुआ , जिसकी चपेट में आकर महिला जवान के पैर में गहरी चोटें आईं । मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और घायल आरक्षक को सुरक्षित स्थान पर निकाला ।
हेलीकॉप्टर से रायपुर एयरलिफ्ट , डॉक्टरों की टीम को अलर्ट घटना की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस बल और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया । मौके पर मौजूद जवानों ने घायल महिला आरक्षक को प्राथमिक उपचार दिया और बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर बुलाकर उन्हें रायपुर एयरलिफ्ट किया गया । रायपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों को पहले ही सतर्क कर दिया गया था । एक अधिकारी ने बताया—“जवान की हालत स्थिर है , लेकिन चोटें गंभीर हैं । इलाज की पूरी तैयारी पहले से कर ली गई थी ।”
सुरक्षा बलों ने सर्चिंग अभियान तेज किया आईईडी विस्फोट के बाद पूरे क्षेत्र में तीव्र सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया गया है । अधिकारियों का अनुमान है कि माओवादियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से यह विस्फोटक पहले से रणनीतिक स्थान पर लगाया था । आसपास के संवेदनशील स्थानों में अतिरिक्त जांच की जा रही है ताकि किसी अन्य विस्फोटक की आशंका को समाप्त किया जा सके ।
फूलबगडी थाना पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई शुरू करते हुए मामले की जांच तेज कर दी है । पुलिस अधिकारियों के अनुसार , पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में माओवादी गतिविधियों के संकेत मिल रहे थे , जिसके बाद लगातार एरिया डॉमिनेशन बढ़ाया गया था । वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पूरे मामले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं ।
दक्षिण बस्तर में लगातार IED घटनाओं की कड़ी बस्तर संभाग में पिछले एक वर्ष के भीतर IED ब्लास्ट की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। नीचे हाल के प्रमुख मामलों का संक्षिप्त विवरण:
- 10 नवंबर 2025, सुकमा: आईईडी ब्लास्ट में BDS टीम के 9 डॉग शहीद
- 10 नवंबर 2025, सुकमा: CRPF का जवान घायल
- 13 अक्टूबर 2025, बीजापुर: भोपालपट्नम में एसटीएफ जवान घायल
- 10 अक्टूबर 2025, बीजापुर: IED में बच्चा घायल
- 4 अक्टूबर 2025, बीजापुर: महिला नक्सली घायल
- 29 सितंबर 2025, अबूझमाड़: भारी मात्रा में आईईडी बरामद
- 18 अगस्त 2025, बीजापुर: जवान शहीद
- 14 अगस्त 2025, बीजापुर: जवान जख्मी
- 5 अगस्त 2025, बीजापुर: ग्रामीण घायल
- 20 जुलाई 2025, बीजापुर: नाबालिग घायल
- 2 जुलाई 2025, बीजापुर: ग्रामीण प्रेशर आईईडी की चपेट में
- 9 जून 2025, सुकमा: ASP शहीद
- 30 मई 2025, बीजापुर: 3 ग्रामीण घायल
- 6 मई 2025, बीजापुर: CRPF अधिकारी घायल
- 7 अप्रैल 2025, अबूझमाड़: ग्रामीण घायल
- 4 अप्रैल 2025, नारायणपुर: 1 की मौत
- 30 मार्च 2025, बीजापुर: महिला की मौत
- 28 मार्च 2025, नारायणपुर: जवान घायल
- 23 मार्च 2025, बीजापुर: 2 जवान घायल
- 7 मार्च 2025, नारायणपुर: मजदूर की मौत
- 16 जनवरी 2025, बीजापुर: दो कोबरा कमांडो घायल
- 12 जनवरी 2025, सुकमा: 10 वर्षीय बच्ची घायल
- 06 जनवरी 2025, बीजापुर: बड़ा धमाका, 8 जवान शहीद
लगातार घटनाओं से स्पष्ट है कि बस्तर के कई इलाके अब भी माओवादी IED जाल के गंभीर खतरे में हैं।
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