बिलासपुर/छत्तीसगढ़
बिलासपुर में कांग्रेस ने पांच महत्वपूर्ण जनसमस्याओं को लेकर कलेक्टोरेट घेराव की कोशिश की , लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया । मौके पर नारेबाज़ी , बैरिकेड तोड़ने की कोशिश और पुलिस से तनातनी के बीच कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनता की मूलभूत जरूरतों को नजरअंदाज कर रही है और समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है ।
नेहरू चौक पर कांग्रेसियों का जमावड़ा , कलेक्टोरेट की ओर कूच शुरू बिलासपुर में गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता नेहरू चौक पर इकट्ठा हुए । जनप्रतिनिधियों के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर कलेक्टोरेट घेराव का अभियान शुरू किया । मार्च की शुरुआत से ही नारेबाजी तेज हो गई , जिससे माहौल काफी उग्र नजर आया । भीड़ के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही कलेक्टोरेट के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए थे । जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टोरेट के नजदीक पहुंचे , पुलिस ने उन्हें रोक दिया । इस पर कई कार्यकर्ताओं ने बैरीकेड्स पार करने की कोशिश की , जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्कामुक्की व नोकझोंक भी देखी गई । कई प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है ।
‘जनता परेशान , सरकार लापरवाह’ — महेश दुबे का बयान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेश दुबे ने मौके पर कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ की जनता वर्तमान सरकार से निराश है । दुबे के मुताबिक , “मौजूदा सरकार का जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है । विधायक हों , मंत्री या मुख्यमंत्री—किसी के फैसले जनता के हित में नहीं दिख रहे । हर वर्ग आज सरकार की नीतियों से नाराज़ और परेशान है ।” दुबे के इस बयान ने भीड़ में उत्साह बढ़ा दिया और नारेबाज़ी और तेज हो गई । कई कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे लंबे समय से सड़कों , बिजली और किसानों की दिक्कतों को लेकर आवाज उठा रहे हैं , लेकिन प्रशासनिक स्तर पर आज तक कोई परिणाम नहीं दिखा ।
आखिर क्या हैं कांग्रेस की पाँच प्रमुख मांगें ? कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के सामने पाँच प्रमुख मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपने की मांग की । ये माँगें इस प्रकार हैं
जर्जर सड़कों की तुरंत मरम्मत शहर और ग्रामीण इलाकों में खस्ताहाल सड़कों की दशा लगातार खराब होती जा रही है , जिससे आमजनों का आवागमन प्रभावित होता है । कांग्रेस का कहना है कि खराब सड़कों को दुरुस्त करने को लेकर सरकार गंभीर नहीं है । बिजली बिलों की अनियमितताओं पर रोक हाल के महीनों में बिजली बिलों में कथित अनियमितताओं और शुल्क वृद्धि को लेकर जनता में नाराज़गी है । कांग्रेस ने इन बढ़ते बिलों और गलत रीडिंग पर तत्काल रोक की मांग की । धान खरीदी व्यवस्था में सुधार किसानों का धान खरीदी केंद्रों पर लंबी प्रतीक्षा , भुगतान में देरी और कथित मनमानी का मुद्दा कांग्रेस की मुख्य मांगों में शामिल है । पार्टी चाहती है कि किसानों की लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान हो । छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री पर रोक हटे कांग्रेस ने छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री पर लगी “अघोषित रोक” को हटाने की मांग रखते हुए कहा कि रजिस्ट्री दरों में भी कटौती की जानी चाहिए , ताकि आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम हो सके । पुराने मकानों और झोपड़ियों पर बुलडोजर कार्रवाई रोकी जाए पार्टी ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर पुराने मकानों और झोपड़ियों पर प्रशासन बुलडोजर चला रहा है । कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है ।
नागरिकों की आवाज — ‘हमारी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं’ प्रदर्शन में शामिल स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी समस्याएँ साझा कीं । एक नागरिक ने कहा , “सरकारी दफ्तरों में सुनवाई नहीं होती । सड़कें टूटी हैं , बिजली के बिल बढ़ रहे हैं , लेकिन हमारी आवाज़ कहीं नहीं जा रही ।” यह बयान भीड़ के भीतर मौजूद असंतोष को स्पष्ट रूप से दर्शाता है ।
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