बिहार / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दो चरणों की वोटिंग पूरी हो चुकी है । नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल्स में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है । पोल्स के मुताबिक , एनडीए को स्पष्ट बहुमत की संभावना है , जबकि महागठबंधन पिछड़ता नजर आ रहा है ।
14 नवंबर को आएंगे नतीजे , लेकिन एग्जिट पोल्स ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों का सभी को बेसब्री से इंतजार है । दो चरणों में संपन्न हुई वोटिंग के बाद अब नजरें 14 नवंबर पर टिकी हैं , जब चुनाव आयोग अंतिम नतीजे घोषित करेगा । इससे पहले आए विभिन्न एग्जिट पोल्स ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है । लोगों में चर्चा है कि क्या एनडीए एक बार फिर सत्ता में लौटेगा या तेजस्वी यादव की अगुवाई वाला महागठबंधन कोई चमत्कार करेगा ।
एक्सिस माई इंडिया सर्वे में एनडीए को 43 परसेंट वोट , महागठबंधन को 41 % समर्थन एग्जिट पोल एजेंसी एक्सिस माई इंडिया ने बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर सर्वे किया , जिसमें 42031 लोगों ने हिस्सा लिया । सर्वे के मुताबिक , एनडीए को 43 % , महागठबंधन को 41 % , प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी को 4 % और अन्य को 12 % वोट मिलने का अनुमान है । मुख्यमंत्री पद को लेकर जब लोगों से सवाल पूछा गया , तो 22 % मतदाताओं ने मौजूदा मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति जताई , जबकि 34 % वोटर्स ने तेजस्वी यादव को अपनी पसंद बताया ।
17 एजेंसियों के एग्जिट पोल में NDA को बहुमत का संकेत अब तक कुल 17 सर्वे एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल जारी किए हैं , जिनमें से लगभग सभी ने एनडीए को बहुमत के करीब या उससे अधिक सीटें दी हैं । प्रजा पोल एनालिटिक्स ने एनडीए को 186 और महागठबंधन को 50 सीटों का अनुमान दिया है , जो किसी भी एजेंसी का सबसे बड़ा आंकड़ा है । वहीं , “पोल ऑफ पोल्स” यानी सभी सर्वे का औसत देखें तो एनडीए को 154 महागठबंधन को 83 और अन्य को 6 सीटें मिलती दिख रही हैं ।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी को लेकर सकारात्मक लहर देखने को मिली है । हालांकि , युवा वर्ग और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर तेजस्वी यादव की पकड़ भी मजबूत रही ।
मतदाताओं की राय से बढ़ी उत्सुकता , अंतिम नतीजों पर टिकी निगाहें चुनाव परिणामों से पहले मतदाताओं में उत्सुकता साफ झलक रही है । कई जिलों में लोगों का कहना है कि “इस बार बिहार में बदलाव की उम्मीद है” , जबकि कुछ मतदाताओं ने कहा कि “नीतीश सरकार के विकास कार्यों पर लोगों ने भरोसा जताया है ।” अब 14 नवंबर को यह तय होगा कि जनता ने किस पर भरोसा किया — नीतीश- मोदी की जोड़ी पर या तेजस्वी यादव के युवा नेतृत्व पर ।
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