स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क
हाइलाइट : ठंडी हवाओं और कोहरे ने बढ़ाई सर्दी की तीव्रता — पेंड्रा में सीजन का सबसे न्यूनतम तापमान 9°C दर्ज , मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में और गिरावट की दी चेतावनी । गांवों में लोग अलाव के सहारे ठंड से बचते दिखे ।
छत्तीसगढ़ में सर्दी ने अब पूरी तरह दस्तक दे दी है । उत्तर से चल रही ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है । विशेष रूप से पेंड्रा और अमरकंटक क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है । इस सीजन पहली बार पेंड्रा का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरकर 9°C तक पहुंच गया , जो अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा ।
सर्द हवाओं और बढ़ते कोहरे ने लोगों की दिनचर्या पर असर डालना शुरू कर दिया है । सुबह-शाम सड़कों पर धुंध की चादर छाई रहती है और विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है । ग्रामीण इलाकों और कस्बों में लोग अब अलाव का सहारा लेकर खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं । कई जगहों पर लोगों ने कहा कि “सुबह उठते ही हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं , इसलिए अब अलाव ही राहत का सहारा बन गया है ।”
मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिनों में प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है । वहीं , उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में कल यानी 10 नवंबर को शीत लहर चलने की चेतावनी जारी की गई है । मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि “उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य भारत तक पहुंच रहा है , जिसके कारण ठंडी हवाएं लगातार दक्षिण की ओर बढ़ रही हैं ।”
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 6°C दुर्ग और जगदलपुर में दर्ज किया गया , जबकि सबसे कम तापमान 9°C अंबिकापुर में रहा । ठंडी हवाओं के कारण राजधानी रायपुर , बिलासपुर , कांकेर और कोरिया जिले में भी पारा नीचे जाने की संभावना है ।
स्थानीय लोगों में सर्दी को लेकर उत्साह और सतर्कता दोनों देखने को मिल रही है । जहां बच्चे और युवा सुबह की धूप का आनंद लेते दिखे , वहीं बुजुर्गों ने सलाह दी कि “अब गर्म कपड़े और ऊनी वस्त्र निकालने का समय आ गया है ।”
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