स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल न्यूज़ डेस्क
हाइलाइट बॉक्स:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर की SIR (Special Intensive Revision) के दूसरे चरण की घोषणा।
- 12 राज्यों में मतदाता सूची के अपडेशन, नए वोटरों के नाम जोड़ने और त्रुटियों के सुधार की प्रक्रिया शुरू।
- राजनीतिक दलों ने उठाया था मतदाता सूचियों की गुणवत्ता का मुद्दा, अब आयोग ने की बड़ी पहल।
- देशभर के चुनाव अधिकारियों से हुई चर्चा के बाद नया चरण लागू।

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, देशभर में SIR के दूसरे चरण की घोषणा करते हुए।
देशभर में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण शुरू
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए देशभर में Special Intensive Revision (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की। इस पहल के तहत 12 राज्यों में मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आयोग का उद्देश्य है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह से अद्यतन (Updated) और त्रुटिहीन (Error-Free) बनाया जाए।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि यह चरण लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो सके।
नए वोटरों के लिए अवसर, त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया
आयोग के अनुसार, इस चरण में तीन प्रमुख कार्य होंगे —
- नए मतदाताओं का नाम जोड़ना (New Voter Registration)
- पुराने रिकॉर्ड का संशोधन (Correction in Existing Entries)
- गलत या दोहराए गए नामों को हटाना (Deletion of Duplicates)
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “यह सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का अभियान है। हर नागरिक को अपने वोट के अधिकार के प्रति सजग रहना चाहिए।”
बिहार समेत कई राज्यों में सक्रिय भागीदारी
ज्ञानेश कुमार ने विशेष रूप से बिहार के 7.5 करोड़ मतदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई और लोकतांत्रिक भावना को मजबूत किया। उन्होंने बताया कि आयोग ने देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
1951 से अब तक आठ बार हो चुका है विशेष पुनरीक्षण
मुख्य चुनाव आयुक्त ने जानकारी दी कि देश में अब तक 1951 से 2004 के बीच आठ बार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार की प्रक्रिया तकनीकी रूप से अधिक उन्नत और डिजिटल रूप से सक्षम होगी, ताकि डेटा एंट्री में मानवीय त्रुटियों को कम किया जा सके।
राजनीतिक दलों ने उठाया था मतदाता सूची की गुणवत्ता का मुद्दा
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कई राजनीतिक दलों ने हाल के वर्षों में मतदाता सूचियों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। इन चिंताओं को दूर करने के लिए आयोग ने अब इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को और अधिक सटीक, आधुनिक और जवाबदेह बनाया है। उन्होंने अपील की कि सभी नागरिक समय रहते अपने नाम और विवरण की जांच करें।
क्या करना होगा मतदाताओं को?
- राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP) या वोटर हेल्पलाइन ऐप पर जाकर अपने नाम और विवरण की पुष्टि करें।
- यदि कोई गलती मिले तो Form 8 के माध्यम से ऑनलाइन सुधार कर सकते हैं।
- नए मतदाता Form 6 के जरिए नाम जुड़वा सकते हैं।


