रायपुर / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल न्यूज़ डेस्क
रायपुर। राजधानी में स्थित शालेम इंग्लिश स्कूल से जुड़ा एक बड़ा विवाद अब हिंसा और कानून व्यवस्था की चिंता का कारण बन गया है। स्कूल संचालित करने वाली सोसायटी के आंतरिक विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि स्कूल परिसर में ही सचिव पर कथित रूप से हमला कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण ने स्कूल सुरक्षा और प्रशासनिक हस्तक्षेप को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवाद की जड़: कौन चलाएगा स्कूल?
शालेम इंग्लिश स्कूल को संचालित करने वाली पुरानी और नई समिति के बीच अधिकार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। एक पक्ष का दावा है—नई कमेटी से स्कूल नहीं चलाया जा सकता, जबकि दूसरा पक्ष कह रहा है—स्कूल प्रारंभ करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी खींचतान का नतीजा 17 अक्टूबर 2025 को हिंसक रूप में सामने आया।
हमले का आरोप: सचिव को जमीन पर गिराया, पर्स और मोबाइल टूटे
सिविल लाइन थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार, छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन की सचिव शशि वाघे ने बताया कि शाम करीब 5.30 से 6 बजे के बीच वह स्कूल परिसर में अपना बैग लेने गई थीं। तभी नितिन लॉरेंस, जयदीप राबिन्सन, रूपिका लॉरेंस, राकेश जयराज, प्रीति यादव, राहुल करीम, सहित करीब 20-25 लोगों ने कथित रूप से बलपूर्वक प्रवेश कर मारपीट की।
सचिव का आरोप है कि—
- उन्हें जमीन पर गिराकर हाथ-पैर दबाए गए
- वॉकिंग स्टिक छीनकर हमला किया गया
- पर्स से पैसे गायब हुए
- चश्मा व मोबाइल तोड़ा गया
- चेहरे, छाती और कंधे पर चोटें आईं
- जान से मारने की धमकी दी गई
गवाह अधिवक्ता भी नहीं बचे हमले से
घटना के समय मौजूद अधिवक्ता वैभव इफ्राइम, अनवर अली और निलमी राबिन ने भी अपने साथ धमकी और हाथापाई होने की पुष्टि की। आरोप है कि मोबाइल छीनने और हाथ मरोड़ने तक की कोशिश हुई। स्कूल परिसर में महिलाओं एवं कर्मचारियों के बीच भय का वातावरण फैल गया।
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पुलिस कार्रवाई: गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज
सिविल लाइन थाना ने शिकायत के आधार पर निम्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है—
धारा 296, 115(2), 351(2), 191(2), 117, 131, 352, 329
पुलिस सूत्रों के अनुसार—
- सभी आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी
- CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे
- जांच टीम गठित
सचिव शशि वाघे का बयान
“मुझे न्याय पर भरोसा है। यदि शिक्षा संस्थानों में ही भय रहेगा, तो बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा कौन करेगा? इस तरह की घटनाओं को किसी रूप में सहा नहीं जा सकता।”
स्कूलों में सुरक्षा पर उठे प्रश्न
स्थानीय नागरिकों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है—
- स्कूलों में सुरक्षा मानकों की सख्त व्यवस्था हो
- निजी संस्थानों के प्रशासनिक विवाद छात्रों तक न पहुंचे
- निगरानी और सुरक्षा गार्ड अनिवार्य किए जाएं
प्रशासन व शिक्षा विभाग की चुनौती
यह घटना राजधानी रायपुर में शिक्षा परिसरों में बढ़ते असुरक्षा के उदाहरण के रूप में सामने आई है। यदि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और गंभीर हालात हो सकते हैं। प्रशासन ने कहा है कि—
- पूरी जांच होगी
- जिम्मेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी
- स्कूल परिसरों में निगरानी बढ़ाई जाएगी
प्रमुख चिंता
| मुद्दा | स्थिति |
|---|---|
| सोसायटी विवाद | जांच अधीन |
| सचिव पर हमला | FIR दर्ज |
| 20 से अधिक आरोपी | गिरफ्तारी प्रयास जारी |
| सुरक्षा व्यवस्था | सवालों के घेरे में |
डिजिटल न्यूज़ डेस्क अपील:
शिक्षा संस्थान सीखने के मंदिर हैं, न कि विवाद और हिंसा के अखाड़े। प्रशासन को जल्द हस्तक्षेप करते हुए ऐसे मामलों में सख्त नजीर पेश करनी चाहिए।
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