रायपुर /स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अंतिम पड़ाव पर है। प्रदेश में मौसम का स्वरूप बदलने लगा है और हल्की ठंडक के साथ सुबह-शाम तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि मानसून की विदाई लगभग तय है, हालांकि कुछ जिलों में अभी भी हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहा, जिससे कई इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, बलौदाबाजार, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा सहित कुल 10 जिलों में आज हल्की बारिश या बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।
जैसे-जैसे मानसून कमजोर पड़ रहा है, प्रदेश में हवा का रुख बदलना शुरू हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अगले 5 से 7 दिनों में हवा उत्तर-पश्चिमी दिशा में बहने लगी, तो मानसून की पूरी विदाई हो जाएगी और ठंडक बढ़ने लगेगी। सुबह और देर शाम के समय अब हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, जो मौसम परिवर्तन का संकेत है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषकर खुली जगहों या पेड़ों के नीचे जाने से बचने का आग्रह किया गया है, क्योंकि मौसम में अचानक बदलाव और हल्की गरज-चमक की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे समय में अनावश्यक यात्रा या खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहतर रहेगा।
इस सीजन में राज्य के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई, जिससे कृषि को लाभ मिला। धान उत्पादन वाले क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ी और फसलें सुरक्षित हुईं। अब धीरे-धीरे ठंडी हवाओं की शुरुआत से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और शुष्क मौसम का दौर शुरू होगा।
अगले सप्ताह से न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की कमी संभव है। सुबह और शाम के समय हल्की सर्दी का अहसास होगा। कई जिलों में शुष्क मौसम का प्रभाव रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें हो सकती हैं।
छत्तीसगढ़ मौसम परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। मानसून विदा की तैयारी कर रहा है और ठंड की आहट सुनाई देने लगी है। ऐसे में स्वास्थ्य का ध्यान रखना और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना आवश्यक है।
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