स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
विवाद की शुरुआत:
अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चे, समायरा कपूर और कियान राज कपूर, ने अपने दिवंगत पिता संजय कपूर की कथित वसीयत को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में गंभीर आपत्ति दर्ज करवाई है। दोनों ने अदालत के समक्ष स्पष्ट कहा कि जिस दस्तावेज़ को वसीयत बताया जा रहा है, उसमें ऐसी “घोर और स्पष्ट त्रुटियाँ” हैं, जिन्हें देखकर ही संदेह होता है कि वह संजय कपूर द्वारा तैयार नहीं हो सकता।
वसीयत पर सवाल
समायरा और कियान की ओर से पेश वकील ने जज ज्योति सिंह के समक्ष दलील दी कि वसीयत में बच्चों के नाम और पते तक गलत लिखे गए हैं। वकील ने कहा कि एक ऐसे पिता, जो अपने बच्चों से गहरा लगाव रखते थे, वे कभी उनकी मूल पहचान संबंधी जानकारी में गलती नहीं कर सकते। यह दस्तावेज़ संजय कपूर की आदतों और स्वभाव से बिल्कुल मेल नहीं खाता।
प्रिया कपूर पर आरोप
कार्रवाई के दौरान वकील ने संजय कपूर की सौतेली पत्नी प्रिया कपूर पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह वसीयत संभवतः किसी एक ही व्यक्ति द्वारा जाली रूप से तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज़ संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित बदलाव का परिणाम प्रतीत होता है।
‘सिंड्रेला वाली सौतेली माँ’ टिप्पणी
9 अक्टूबर की सुनवाई में बच्चों की ओर से प्रिया कपूर को “लालची” और “सिंड्रेला की सौतेली माँ” की संज्ञा दी गई। वकील ने कहा कि प्रिया कपूर संपत्ति पर पूरा नियंत्रण पाने की जल्दबाज़ी में हैं और बच्चों के वैध अधिकारों को कम करने की कोशिश कर रही हैं।
30,000 करोड़ की संपत्ति का मामला
संजय कपूर की कुल संपत्ति लगभग ₹30,000 करोड़ बताई जा रही है। वकील ने अदालत को बताया कि प्रिया कपूर को पहले ही पारिवारिक ट्रस्ट से लगभग ₹1,900 करोड़ की राशि मिल चुकी है, फिर भी वे शेष संपत्ति पर भी पूर्ण अधिकार चाहती हैं।
कानूनी प्रक्रिया और सीलबंद सूची
इससे पूर्व 26 सितंबर को अदालत ने प्रिया कपूर को निर्देश दिया था कि वे अपनी सभी संपत्तियों की जानकारी सीलबंद लिफाफे में जमा करें और मीडिया से इस विवाद के विवरण साझा करने से बचें। 10 सितंबर को भी अदालत ने उनसे संपत्ति की विस्तृत सूची पेश करने को कहा था।
वसीयत की जांच की मांग
समायरा और कियान ने अदालत से मांग की है कि संजय कपूर की सभी संपत्तियों पर यथास्थिति बनाए रखी जाए और वसीयत की गंभीरता से फोरेंसिक जांच कराई जाए। उनका कहना है कि इस दस्तावेज़ में हेरफेर कर किसी को अनुचित लाभ पहुँचाया गया है।
कानूनी प्रश्न और अगली सुनवाई
बच्चों की ओर से यह भी कहा गया कि यह मानना कठिन है कि संजय कपूर ने इतनी बड़ी संपत्ति की वसीयत बिना किसी कानूनी सलाहकार के तैयार की होगी। उन्होंने आशंका जताई कि वसीयत में बदलाव उस दौरान किया गया जब संजय कपूर अपने बेटे के साथ विदेश यात्रा पर थे। अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को करेगी।
मामला विरासत से अधिक, सम्मान का
यह विवाद केवल धन-संपत्ति का नहीं, बल्कि एक पिता की इच्छा और सम्मान का है। सवाल यह है कि क्या एक पिता की विरासत को जाली दस्तावेज़ों के सहारे बदला जा रहा है, या सच में उनकी यही अंतिम इच्छा थी?
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