“क्या ‘बिजली’ की दहाड़ अब सिर्फ यादों में गूंजेगी? जंगल सफारी की शान ने क्यों छोड़ा हम सबको यूं अकेला?”

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रायपुर, 12 अक्टूबर 2025।
नया रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी की पहचान बन चुकी लोकप्रिय मादा बाघिन ‘बिजली’ अब हमारे बीच नहीं रही। मात्र आठ वर्ष की उम्र में उसने 10 अक्टूबर को गुजरात के ग्रीन जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर (GZRRC), जामनगर में अंतिम सांस ली।
बीते कई महीनों से वह किडनी और बच्चेदानी की गंभीर बीमारी से लड़ रही थी, किंतु इलाज के हर संभव प्रयासों के बावजूद उसे जीवन नहीं मिल सका।

वन मंत्री की संवेदनात्मक श्रद्धांजलि

वन मंत्री केदार कश्यप ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा—
“‘बिजली’ सिर्फ एक बाघिन नहीं थी, वह छत्तीसगढ़ की वन्य-समृद्धि का गौरव थी। उसकी उपस्थिति ने हर आगंतुक के हृदय में वन्यजीवन के प्रति प्रेम जगाया। उसकी यादें सदैव जिंदा रहेंगी।”
मंत्री ने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य में वन्यजीवों के स्वास्थ्य और आपात चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा, साथ ही ‘बिजली’ के शावकों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें : “धान खरीदी शुरू होने से पहले क्या कलेक्टर तैयार हैं? पारदर्शिता की इस बड़ी परीक्षा में कौन देगा जवाब?”

बीमारी के बीच ‘जीवन की जंग’: गुजरात तक पहुंची थी ‘बिजली’

मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पांडेय के अनुसार, 7 अक्टूबर को ‘बिजली’ की हालत गंभीर होने पर उसे विशेष ट्रेन से गुजरात ले जाया गया था।
जांच में पाया गया कि उसके ब्लड यूरिया नाइट्रोजन, क्रिएटिनिन और पोटेशियम का स्तर अत्यधिक बढ़ चुका था।
उसे ICU में रखा गया, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उपचार में जुटी रही, किंतु 10 अक्टूबर सुबह 2:30 बजे वह जिंदगी की लड़ाई हार गई।

नंदनवन की जन्मी दहाड़ – जिसने सबको मोहित किया

  • जन्म: 2017, नंदनवन जंगल सफारी
  • स्वभाव: तेजस्वी, चंचल और पर्यटकों की चहेती
  • 2023 में बना मां: चार शावकों को जन्म दिया – तीन नर, एक मादा

नंदनवन आने वाले हर पर्यटक के लिए ‘बिजली’ एक आकर्षण नहीं, एक भावनात्मक जुड़ाव थी। उसका रॉयल अंदाज, घुमावदार चाल और कैमरों की ओर देखने का स्वभाव उसे सबसे अलग बनाता था।

अब सवाल भविष्य का: क्या उसके शावकों को मिलेगी वही विरासत?

‘बिजली’ की अनुपस्थिति से जंगल सफारी की रौनक में एक बड़ा खालीपन आ गया है।
अब पूरी उम्मीद इस बात पर है कि उसके शावक स्वस्थ रहें और मां की विरासत को आगे बढ़ाएं।

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