स्वतंत्र छत्तीसगढ़
टेंगनी-शिवप्रसादनगर रेलवे दोहरीकरण कार्य के चलते भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से जर्जर हो चुकी सड़क की मरम्मत अब ग्रामीणों के दबाव के बाद शुरू हो सकी। लंबे समय से प्रशासन की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के बीच ग्रामीणों ने एकजुट होकर आंदोलन किया और आखिरकार रेलवे निर्माण एजेंसी को मरम्मत कार्य प्रारंभ करने के लिए बाध्य किया।
शिवप्रसादनगर से बंजा मार्ग की स्थिति पिछले कई महीनों से दयनीय बनी हुई थी। रेलवे प्रोजेक्ट में लगे भारी ट्रकों और मशीनों की निरंतर आवाजाही ने सड़क को गहरे गड्ढों में बदल दिया था। स्थिति यह थी कि कारों की चेसिस सड़क से टकरा रही थी और दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर थे। दुर्घटनाओं के बढ़ते खतरे से स्थानीय लोगों का आक्रोश चरम पर था।
ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई, तो मंगलवार को ग्रामीणों ने मंडल अध्यक्ष सुनील साहू के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया। करीब पांच घंटे तक सड़क जाम रखते हुए ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं शुरू होगी, तब तक किसी भी ट्रक को नहीं चलने दिया जाएगा। परिणामस्वरूप, रेलवे निर्माण एजेंसी हरकत में आई और चार घंटे के भीतर मरम्मत कार्य प्रारंभ करवा दिया।
विधायक ने भी उठाई पहल, नेशनल हाइवे विभाग को लिखा पत्र
इसी क्रम में सड़क सुधार की मांग अब राजनीतिक स्तर तक पहुँच गई है। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने महामाया चौक रतनपुर से शासकीय महामाया महाविद्यालय पेंड्रा रोड की जर्जर स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, बिलासपुर के कार्यपालन अभियंता को पत्र लिखकर तत्काल मरम्मत या नए निर्माण की मांग की है।
यह मार्ग न केवल स्थानीय निवासियों के लिए, बल्कि विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। महामाया मंदिर जाने वाला मुख्य रास्ता होने से नवरात्र जैसे बड़े पर्व पर भी हजारों लोग इसी मार्ग से गुजरते हैं। बावजूद इसके, सड़क की सुध किसी ने नहीं ली। विधायक ने नगरवासियों को धूल और गड्ढों से मुक्त सड़क उपलब्ध कराने हेतु एक बार फिर प्रयास तेज कर दिए हैं।
ग्रामीणों का संदेश स्पष्ट
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे स्वयं पहल नहीं करते, तो सड़क की हालत और भी बदतर हो जाती। यह आंदोलन केवल सड़क के लिए नहीं, बल्कि प्रशासन को जवाबदेह बनाने की एक पहल है।
अब देखना यह होगा कि मरम्मत कार्य कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाता है तथा क्या भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न दोहराने की गारंटी मिल पाती है।
ख़बरें और भी…follow करना न भूलें|


