स्वतंत्र छत्तीसगढ़
भोपाल- 07 अक्टूबर 25— देशभर में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। अकेले मध्य प्रदेश में 11 बच्चों की जान इस जहरीली दवा की वजह से चली गई। घटना के बाद राज्य सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप और इसे बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के सभी उत्पादों पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है।
सरकार की कार्रवाई के बाद पुलिस ने छिंदवाड़ा जिले के परासिया से डॉक्टर प्रवीन सोनी को गिरफ्तार किया है। वे सरकारी सेवा में रहते हुए निजी क्लिनिक भी चलाते हैं और क्षेत्र के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ माने जाते हैं। बताया गया है कि उन्होंने अपने क्लिनिक में इलाज के लिए आने वाले बच्चों को यही सिरप लिखी थी।
जांच में बड़ा खुलासा:
चेन्नई की ड्रग टेस्टिंग लैब में जांच के दौरान पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा 48.6 प्रतिशत थी, जबकि मानक केवल 0.1 प्रतिशत होना चाहिए। यह रसायन अत्यधिक जहरीला होता है और सीधे किडनी सहित शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है।
पीड़ित परिवारों का दर्द:
मृत बच्चों के परिजनों ने बताया कि उनके बच्चे सिर्फ सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टर ने दवा के साथ कोल्ड्रिफ सिरप देने की सलाह दी थी। सिरप पीने के कुछ ही दिनों में बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और किडनी फेलियर जैसे लक्षण दिखने लगे, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
एफआईआर और सख्त धाराएं:
छिंदवाड़ा एसपी अजय पांडे ने बताया कि बीएमओ डॉक्टर अंकित सहलाम की शिकायत पर डॉक्टर प्रवीन सोनी के खिलाफ दवाओं में मिलावट, मानव वध और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।
सरकार की सख्त चेतावनी:
मुख्यमंत्री ने बच्चों की मौत को अत्यंत गंभीर मानते हुए जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को संदिग्ध दवाओं की तत्काल जांच करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इस घटना के बाद मध्य प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली, केरल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में भी कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
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