दिल्ली/स्वतंत्र छत्तीसगढ़
नई दिल्ली: 03 अक्टूबर 2025— अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ के बीच भारत के लिए एक राहतभरी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ थोपे जाने से जहाँ आर्थिक नुकसान की आशंका थी, वहीं अब रूस ने इसका भार उठाने का ऐलान किया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सरकार को आदेश दिया है कि वह भारत के साथ व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए।
पुतिन ने गुरुवार को दक्षिण रूस के काला सागर रिसॉर्ट में आयोजित वल्दाई चर्चा मंच के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच कभी भी किसी तरह का तनाव नहीं रहा है और दोनों देशों के संबंध आपसी भरोसे और संवेदनशीलता पर टिके हुए हैं। पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना करीबी मित्र बताते हुए उनकी राष्ट्रवादी और संतुलित नेतृत्व क्षमता की सराहना की।
अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात जारी रखा, जिसे पुतिन ने “भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा का साहसिक निर्णय” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के टैरिफ से भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के बढ़ते आयात से हो जाएगी।
रूस का प्लान:
पुतिन ने व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए भारत से कृषि उत्पाद और औषधीय दवाइयाँ बड़े पैमाने पर खरीदने की योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाएँ हैं, लेकिन इन्हें साकार करने के लिए वित्तपोषण, रसद और भुगतान जैसी बाधाओं को दूर करना आवश्यक है।
पुतिन ने यह भी कहा कि रूस भारत को न सिर्फ आर्थिक रूप से सहयोग देगा, बल्कि रणनीतिक और राजनीतिक स्तर पर भी साझेदारी को और मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत-रूस संबंधों को नई मजबूती देगा और ट्रंप प्रशासन की टैरिफ रणनीति उल्टी साबित हो सकती है।
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