बिलासपुर : 02 अगस्त 2025
बिलासपुर नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) विभाग में 10 वर्षों से चल रहे नक्शा और ले-आउट घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि विकास सिंह नाम के फर्जी आर्किटेक्ट के नाम से 400 से अधिक नक्शे और 150 से ज्यादा ले-आउट पास किए गए। इस नाम से कोई पंजीकृत आर्किटेक्ट एसोसिएशन में मौजूद नहीं है।
यह भी पढ़े : भाजपा का मेगा सम्मान समारोह, 60 लाख नए सदस्य जोड़े, CM साय करेंगे कार्यकर्ताओं का सम्मान…
चौंकाने वाली बात यह है कि विकास सिंह के नाम रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर TCP में प्रतिनियुक्त सब इंजीनियर मयूर गेमनानी का है। जांच में पता चला कि अफसरों ने विकास सिंह के नाम से एक ही दिन में 29-29 फाइलें पास कीं। अधिकांश मामलों में अवैध निर्माण की शिकायतें मिलीं।
निगम ने कार्रवाई करते हुए विकास सिंह को ब्लैकलिस्ट कर दिया, जबकि घोटाले में शामिल अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि विकास सिंह कभी पंजीकृत आर्किटेक्ट रहा ही नहीं।
मयूर गेमनानी पर पहले भी विवादों में रहने और हाईकोर्ट से स्टे लेने के आरोप लगे हैं। आखिरकार 29 अप्रैल 2025 को उन्हें मूल विभाग में वापस भेजा गया। निगम आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर विकास सिंह का लाइसेंस रद्द कर ब्लैकलिस्ट किया गया है। हालांकि, जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई को लेकर सवाल अब भी बरकरार हैं।

खबरे और भी…


