रायगढ़ : 01 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत छाल रेंज में बाघ की मौजूदगी की आशंका से वन विभाग सतर्क हो गया है। हाटी से पुरूंगा और सामरसिंघा के बीच खेतों और पगडंडियों पर बाघ जैसे बड़े पदचिन्ह मिले हैं, जिन्हें तेंदुए के पदचिन्हों से बड़ा और अलग बताया गया है।
बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के लिए वन विभाग की दो टीमें लगातार 3 दिनों से ट्रैकिंग कर रही हैं। एक टीम में हाथी मित्र दल, वनकर्मी और ग्रामीणों को मिलाकर 10-12 सदस्य शामिल हैं। हालांकि पहले दिन के बाद से किसी नए पदचिन्ह की जानकारी नहीं मिली है। अधिकारियों का मानना है कि बाघ जंगल से सटे माया पहाड़ की ओर गया हो सकता है, जहां की पथरीली जमीन पर पदचिन्ह मिलना मुश्किल है।
स्थिति को देखते हुए आसपास के गांवों – जैसे सामरसिंघा, गेरवानी, किदा, खर्रा, गंजईपाली और गलीमार – में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाघ की कोई हलचल या सूचना मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
बाघ की स्पष्ट पुष्टि के लिए विभाग ने 10 से 12 ट्रैप कैमरे तैयार रखे हैं। यदि कहीं मवेशी या अन्य जानवर के शिकार की सूचना मिलती है, तो वहां कैमरे लगाए जाएंगे। अब तक किसी शिकार की खबर नहीं मिली है।
छाल रेंजर चंद्रविजय सिंह सिदार ने बताया कि पूरे छाल रेंज और उससे सटे अन्य रेंज में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाघ की मौजूदगी को लेकर विभाग गंभीरता से निगरानी कर रहा है और हर संभावित दिशा में ट्रैकिंग की जा रही है।
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