बिलासपुर : 31 जुलाई 2025
बिलासपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बीते 6 वर्षों में 600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं, लेकिन शहर अब तक हाईटेक नहीं बन पाया है। वर्तमान में भी 100 करोड़ रुपये से अधिक के काम प्रगति पर हैं। इसी बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए एक नई पहल की है, जिसमें आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अब पूरे नगर निगम क्षेत्र में आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) की तर्ज पर विशेष CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की निगरानी प्रशासन नहीं, बल्कि आम लोगों की एक रजिस्टर्ड कमेटी करेगी, जिसमें विभिन्न वर्गों और संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
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30 जुलाई को कलेक्टर संजय अग्रवाल और निगम कमिश्नर अमित कुमार ने इस विषय पर नागरिकों और सामाजिक संगठनों के साथ बैठक कर सुझाव लिए और सहयोग की अपील की। कलेक्टर ने कहा कि जैसे स्वच्छता में नागरिकों ने अहम भूमिका निभाई, वैसे ही अब सुरक्षा के क्षेत्र में भी आगे आकर सहयोग करना होगा।
उन्होंने बताया कि इन विशेष कैमरों से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में आसानी होगी, साथ ही फुटेज न्यायालयीन प्रक्रिया में भी सहायक होंगे। अभी तक शहर के 23 प्रमुख चौराहों पर 523 कैमरे लगे हैं जो ट्रैफिक नियंत्रण में मदद कर रहे हैं। अब शहर के आउटर एरिया सहित सभी हिस्सों को इस निगरानी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
निगम कमिश्नर ने बताया कि इन कैमरों को एक सेंट्रल ग्रिड से जोड़कर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। योजना के संचालन और बजट निर्धारण के लिए कमेटी तकनीकी टीम की मदद से डीपीआर तैयार कर योजना को अमल में लाएगी।
प्रशासन को उम्मीद है कि यह अभिनव पहल सुरक्षा, समन्वय और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से बिलासपुर को एक नई दिशा देगी।
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