बिलासपुर : 22 जुलाई 2025
बिलासपुर जिले में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला गंभीर मामला सामने आया है। दो आरक्षकों पर जशपुर की दो नाबालिग बच्चियों को बंधक बनाकर घरेलू काम कराने और उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। पीड़ित बच्चियां छह महीने तक मानसिक और शारीरिक शोषण झेलने के बाद रविवार रात किसी तरह वहां से भागकर सखी सेंटर पहुंचीं।
जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले की 13 और 16 साल की दोनों बच्चियों को पढ़ाई का लालच देकर कथित रिश्तेदार आरक्षक सुधीर कुजूर और अरुण लकड़ा सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा स्थित पुलिस क्वार्टर में लेकर आए थे। बच्चियों से छह महीने से झाड़ू-पोंछा, बर्तन धोने, खाना बनाने और अन्य घरेलू काम जबरन कराए जा रहे थे।
पीड़िताओं का कहना है कि काम में ज़रा सी चूक होने पर उन्हें डांटा-धमकाया जाता था, कभी-कभी मारपीट भी की जाती थी। उन्हें बाहर किसी से संपर्क करने नहीं दिया जाता था और पूरी तरह बंधक बना कर रखा गया था।
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बीती रात दोनों बच्चियों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर वहां से भागने का रास्ता निकाला और सीधे सखी सेंटर पहुंचीं। वहां काउंसलिंग के दौरान उन्होंने अपने साथ हुई प्रताड़ना की पूरी जानकारी दी।
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि बच्चियों के बयान और काउंसलिंग रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं और दोषी पाए जाने पर दोनों आरक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर बंधुआ मज़दूरी, बाल श्रम और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल दोनों बच्चियां सखी सेंटर में सुरक्षित हैं और उन्हें चिकित्सा एवं मानसिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मामले की जांच महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से जारी है।
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