रायपुर, 20 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और शनिवार देर रात से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। गरियाबंद और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के 11 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण प्रदेश में बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। रायपुर और दुर्ग संभागों में भारी वर्षा की सर्वाधिक संभावना जताई गई है।
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रायपुर, दुर्ग, गरियाबंद, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कबीरधाम, राजनांदगांव, बेमेतरा, बालोद और अन्य आसपास के जिलों में रविवार को दिनभर भारी बारिश के साथ तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यकता न हो तो घर से बाहर न निकलें। खासकर बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे, खुले मैदानों में या ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचें, क्योंकि वज्रपात का खतरा बना हुआ है।
- बारिश में फंसने की स्थिति में किसी सुरक्षित आश्रय स्थल पर रुकें।
- नदी-नालों के पास जाने से बचें, क्योंकि पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है।
- किसान और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग मौसम अपडेट पर नजर रखें और बिजली गिरने की घटनाओं से सतर्क रहें।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड में रखा है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी गई है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता दी जा सके। IMD के मुताबिक, आगामी 48 घंटों में भी छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रह सकती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसून की सबसे सक्रिय स्थिति है, और इससे खेतों में जलभराव के साथ-साथ निचले इलाकों में जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
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