भोपाल : 18 जुलाई 2025
भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में हाल ही में हुई सड़क धंसने की घटना के पीछे 50 वर्ष पुराना पत्थरों की दीवारों से बना अंडरग्राउंड नाला जिम्मेदार पाया गया है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, एमपी नगर बसाहट के समय यह नाला बनाया गया था, लेकिन इसके ऊपर पुलिया नहीं बनाई गई, बल्कि इसे अंडरग्राउंड कर दिया गया। वर्षों बाद नगर निगम ने इस नाले के ऊपर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कर दिया, जिससे सफाई और निरीक्षण असंभव हो गया। लगातार जलप्रवाह और दबाव के कारण नाले की दीवारें कमजोर हो गईं और अंततः सड़क धंस गई।
यह भी पढ़े : गंभीर चोट के मामलों में लापरवाही पर हाई कोर्ट सख्त, पुलिस को दिए सख्त निर्देश…
इंजीनियर मस्के ने बताया कि सड़क की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। नाले के ऊपर लोहे के बड़े एंगल से मजबूत सेंटरिंग की जा रही है, जिस पर सीमेंट-कंक्रीट का स्लैब डाला जाएगा। यह सेंटरिंग स्थायी रूप से वहीं रखी जाएगी ताकि संरचना को अतिरिक्त मजबूती मिले। निर्माण कार्य अगले 48 घंटे, यानी शनिवार तक पूरा कर लिया जाएगा।
यह नाला पीडब्ल्यूडी के संधारण संभाग क्रमांक-2 के अंतर्गत आता है। मूल रूप से इसका निर्माण राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) ने किया था और वर्ष 2002 में इसे लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया।
सड़क के बाईं ओर, ज्योति टॉकीज के पास स्थित यह नाला अब लगभग 50 वर्ष पुराना है। समय के साथ इसके दोनों सिरों को नगर निगम द्वारा ढंक दिया गया, जिससे नियमित सफाई नहीं हो सकी। मानसून में अन्य नालों की सफाई होती रही, लेकिन यह नाला उपेक्षित रह गया। इसके कारण अंदर मलबा और गंदगी जमा होती गई।
यह मुख्य नाला एमपी नगर जोन-1 से जोन-2 की ओर जल निकासी के लिए बनाया गया था। इसके अपस्ट्रीम हिस्से में एक छोटी नाली का पानी भी इसमें आता है, जिससे पानी का दबाव अधिक रहता है। दीवार पर बढ़ते दबाव ने उसकी संरचनात्मक मजबूती को प्रभावित किया और अंततः सड़क धंस गई।
व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक:https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG


