बिलासपुर : 18 जुलाई 2025
कोटा ब्लॉक के बरद्वार गांव में एक रहस्यमयी प्राकृतिक घटना ने ग्रामीणों को हैरान और डरा दिया है। पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के बाद गांव का वर्षों पुराना तालाब लबालब भर गया था, लेकिन बुधवार को अचानक तालाब का सारा पानी एक गहरे गड्ढे में समा गया। सुबह तक जहां तालाब पानी से भरा था, वहीं दोपहर होते-होते वह पूरी तरह सूख गया। ग्रामीणों ने बताया कि पानी सुरंग जैसी संरचना में चला गया और यह सब कुछ चंद घंटों में हुआ।
गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा तक सभी ने कहा कि ऐसी घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। इस घटना को ग्रामीण चमत्कार मान रहे हैं, लेकिन इसके चलते पूरे गांव में डर का माहौल है। लोग बच्चों को तालाब के पास जाने से मना कर रहे हैं, वहीं किसानों को अपने खेत और घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जमीन और धंसी तो जन-हानि हो सकती है।
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गांव के निवासी रामधनी यादव ने बताया कि सुबह तालाब पूरी तरह पानी से भरा हुआ था, लेकिन दोपहर में देखा कि एक कोने में गड्ढा बन गया और धीरे-धीरे सारा पानी उसमें समा गया। ग्राम पंचायत और तहसील प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई है। सरपंच और जनप्रतिनिधियों ने भू-वैज्ञानिकों की टीम भेजने की मांग की है, लेकिन अब तक प्रशासनिक टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
इस रहस्यमयी घटना को लेकर भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिंकहोल हो सकता है। सिंकहोल एक भू-वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें जमीन के भीतर मौजूद चट्टानों में पानी रिसने के कारण खाली जगहें बन जाती हैं। बारिश का पानी इन खाली जगहों से मिट्टी और अन्य तत्वों को बहाकर नीचे ले जाता है, जिससे सतह पर गड्ढा बन जाता है और उसमें पानी समा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्रक्रिया सामान्य है, विशेषकर चट्टानी क्षेत्रों में।
फिलहाल गांव के लोग डरे हुए हैं और तालाब क्षेत्र को खतरे की दृष्टि से देख रहे हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि भूगर्भीय सर्वे कराकर जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
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