बिलासपुर : 17 जुलाई 2025
रतनपुर-केंदा मार्ग पर मंगलवार रात तेज रफ्तार हाइवा से 17 गायों की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाया। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की विशेष पीठ ने दोपहर 2:15 बजे स्वतः संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई की।
चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा, “कोर्ट इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है, इसके बावजूद ऐसी घटनाएं हो रही हैं, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अब सिर्फ जवाबदेही नहीं, बल्कि अफसरों की जिम्मेदारी तय कर इसे उनके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए।”
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने बताया कि आवारा मवेशियों को लेकर SOP लागू की गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि SOP सिर्फ कागजों तक सीमित न हो, इसे सख्ती से जमीनी स्तर पर लागू किया जाए। आवारा मवेशियों की समस्या सिर्फ ग्रामीणों की नहीं, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा का मामला है।
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हादसे के बाद FIR
सोमवार रात एनएच-45 पर ग्राम बारीडीह में पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार हाइवा ने सड़क पर बैठी गायों को कुचल दिया था। हादसे में 17 गायों की मौत और 5 के घायल होने के बाद पुलिस ने चालक के साथ-साथ मवेशी मालिकों पर भी बीएनएस की धारा 291 के तहत मामला दर्ज किया है।
33 बार सुनवाई, फिर भी कोई सुधार नहीं
साल 2019 में हाईकोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिनमें सड़कों की हालत और मवेशियों से जुड़ी समस्याएं उठाई गई थीं। तब से अब तक कोर्ट इस मुद्दे पर 33 बार सुनवाई कर चुका है, लेकिन हालात जस के तस हैं।
अगली सुनवाई 31 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें मुख्य सचिव और NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर को शपथ-पत्र के साथ जवाब पेश करना होगा।
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