जबलपुर : 12 जुलाई 2025
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा GNM (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) कोर्स में 12वीं कक्षा में बायोलॉजी विषय अनिवार्य किए जाने के फैसले को जबलपुर हाईकोर्ट ने उचित करार देते हुए इससे जुड़ी याचिका खारिज कर दी है।
यह याचिका हरदा के लाल बहादुर शास्त्री व्यवसायिक अध्ययन महाविद्यालय सहित 39 निजी नर्सिंग संस्थानों ने दाखिल की थी। उनका तर्क था कि नए नियम के कारण इस साल 8527 सीटों में से केवल 139 सीटें ही भरी गई हैं, जबकि 8388 सीटें खाली रह गई हैं। उन्होंने मांग की थी कि सरकार को नियमों में ढील दी जाए ताकि छात्रों को प्रवेश मिल सके।
हालांकि हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि मातृ मृत्यु दर जैसे संवेदनशील मामले में योग्य और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता है, इसलिए बायोलॉजी की अनिवार्यता का नियम जनहित में सही है।
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कोर्ट ने सरकार को यह भी सुझाव दिया कि वह केवल योग्य उम्मीदवारों की भर्ती तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या, एम्बुलेंस सेवाएं और सड़क सुविधाएं भी बढ़ाए, ताकि समय पर इलाज संभव हो सके।
राज्य सरकार की ओर से उपमहाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी और इंडियन नर्सिंग काउंसिल की ओर से अधिवक्ता मोहन सौंसरकर ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि यह नियम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए जरूरी है, न कि केवल सीटें भरने के लिए।
इस फैसले से निजी कॉलेजों को भले ही नुकसान हो, लेकिन राज्य सरकार के प्रयासों को न्यायिक समर्थन मिला है, जिससे भविष्य में मातृ मृत्यु दर कम करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
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